हिंसक जंगली जीवों के लिए वरदान है क्षेत्र कोई घटना होने पर केवल पिंजरा लगता है वन विभाग

लखीमपुर खीरी , 142

(मनोज मिश्र)

धौरहरा खीरी। जनपद लखीमपुर-खीरी में घाघरा व शारदा नदियों के बीचोबीच पलिया निघासन व धौरहरा तहसीलो का क्षेत्र आता है और इस सबमें वन रेंज धौरहरा का क्षेत्र दोनों नदियों के बीच के भू भाग में करीब दो दर्जन से अधिक हिसंक जंगली जीवों के लिए वरदान साबित हो रहा है। जंगलों से निकल कर तराई क्षेत्र में डेरा डाले जंगली हिसंक जीव कभी कभी आम आदमी को नुकसान पहुंचाने के साथ आम लोगों को दर्शन देते रहते हैं।हालांकि वन विभाग के जिम्मेदार पिजंडा लगाने तक सीमित रहते हैं।
हिंसक जंगली जानवरो के लिए तराई क्षेत्र वरदान साबित हो रहा है क्योंकि कृषिक भू भाग होने के चलते यहां केला,गन्ना,गेहूं,धान,उरद,मंसूर के साथ भारी मात्रा में सब्जी की फसलें भी उगाई जाती है।क्षेत्र में मौजूद नदियो का कछार,बह रहे नाले व गन्ना,केला लगे खेत जंगली जानवरों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। इनमें हाथी जैसे बड़े जानवर फसलें नष्ट कर देते हैं तथा क्षेत्र में कभी कभार हिसंक जानवरों के हमले से लोग असमय काल के गाल में समा जा रहे हैं जिसके बाद प्रशासनिक मशीनरी पीड़ित परिवार को सिर्फ आहेतुक सहायता राशि देकर मामले को रफा दफा कर देती है।

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