मेरी हलक सुख रही मुझे खाना पानी चाहिए पीड़िता मैं ससुराल में अपने पति की यादों में कुछ समय रहना चाहती मेरी मां यहां न आए

लखीमपुर खीरी , 51

(सुनहरा)


लखीमपुर-खीरी ।  जिलाधिकारी को 9 जून 2026 को दिए शिकायती पत्र में जिला अधिकारी द्वारा एस एच ओ कोतवाली सदर को आवश्यक नियमानुसार कार्रवाई को कहा गया था उक्त शिकायती पत्र में 
पीड़िता ने बताया मेरा नाम जनिष्ठा स्वर्गीय  शिवम टंडन की विधवा पत्नी हूं। मेरे पति शियम टंडन का निधन दिनांक 17 जुलाई 2025 को हो गया था। पति की मृत्यु के बाद मैं उनके वैधानिक उत्तराधिकार एवं वारिशान दर्ज कराने की प्रक्रिया कराना चाहती हूं,जिससे उनके नाम की संपत्ति, बीमा, बैंक खातों एवं अन्य देयों पर विधि अनुसार मेरा अधिकार सुरक्षित रह सके किन्तु मेरे ससुर  अशोक टंडन, निवासी शास्त्री नगर, डॉक्टर दुआ के निकट, लखीमपुर खीरी द्वारा मेरे विरुद्ध धारा 107/116 के अंतर्गत शिकायत कराई गई है। मुझे आशंका है कि उक्त शिकायत का उद्देश्य मेरे वैधानिक अधिकारों एवं वारिसान की प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करना है।इसके अलावा मुझे ससुराल में रहने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मैं अपने दिवंगत पति के घर में सम्मानपूर्वक एवं सुरक्षित रूप से निवास करना चाहती हूं।
, मेरे पति स्वर्गीय शियम टंडन ने अपनी मृत्यु से पूर्व एक लिखित सुसाइड नोट भी छोड़ा था, जिसमें उन्होंने मेरे अधिकारों, मेरे भविष्य तथा मेरे साथ न्याय किए जाने की बात लिखी थी। उक्त सुसाइड नोट मेरे पति की अंतिम इच्छा एवं मेरे प्रति उनके विश्वास को दर्शाता है। उन  तथ्यों को भी संज्ञान में लिया जाना चाहिए मेरे पति स्वर्गीय शियम टंडन के संबंध में वारिसान दर्ज कराने की प्रक्रिया को विधि अनुसार संपन्न कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाए और 
मेरे विरुद्ध दर्ज कराई गई शिकायत की निष्पक्ष आंच कराई जाए तथा यदि शिकायत सही पाई  जाए तो उचित कार्रवाई की जाए। मेरे ससुराल में सुरक्षित एवं सम्मानपूर्वक निवास करने हेतु आवश्यक प्रशासनिक सहायता स्वं सुरक्षा प्रदान की जाए। और पति द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट के तथ्यों एवं मेरी  स्थिति को ध्यान में रखते हुए मेरे अधिकारों की रक्षा  की जाए उसके 16 दिन बाद दिनांक 25-जून 2026 को जनिष्ठा मायके से बीना बताए ससुराल आ गई है। 
  जनिष्ठा की मां का कहना है मेरी इकलौती बड़ी पुत्री है एक पुत्र हैं उसकी हालत ठीक नहीं है पुत्री बिना बताए लखीमपुर-खीरी अपने ससुराल चली गई है मैं जब बात कर रही हो तो कह रही है अगर यहां आई तो मै आत्महत्या कर लूंगी और वहां उत्पन्न समस्या खाना पीना नहाना दैनिक सुविधा न मिलने की बात कह रही है वह भूखी है पुत्री ने विडियो डाला बाद में किसी रिश्तेदार द्वारा खाना पहुंचाया गया  उसके बाद संवाददाता ने जनिष्ठा से उसकी पीड़ा जाननी चाही तो उसने बताया  मैं अपने पति की यादों में रहना चाह रही मेरा कमरा खोल दिया जाए मुझे खाना पीना नहीं दिया जा रहा हलक सुख रही है आन लाइन खाना मगाने दिया जाए मेरे पति ने मरने से पहले सुसाइट नोट में मेरे बारे में जो लिखा उससे सच्चाई सामने आएगी उसने एक मैसेज डालकर मीडिया से न्याय दिलाने की बात कही 
इसके बाद जनिष्ठा के खाना पानी की बात को लेकर ससुराल पक्ष की जानकारी पर यह तथ्य सामने आया बहूं जनिष्ठा व उसके माता-पिता यही थे जब पुत्र ने आत्महत्या की थी सभी लोग भाग गए थे जनिष्ठा पुत्र के अंतिम संस्कार में तक नहीं आई सबके  विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई थी वर्तमान समय में हाईकोर्ट से स्टे पर हैं पुत्र डेढ़ वर्ष का था  तब मां मर गई थी मैंने पाला पोसा शादी की मुझे मारना होता तो मैं ऐसा क्यों करती पुत्र के नाम कोई सम्पत्ति नहीं है सिर्फ एक बीमा है यह जबरदस्ती आई है मैं खाना पीना कुछ नहीं दूंगी 
 इस सम्बन्ध में स्थानीय चौकी प्रभारी मिश्राना शिल्पी शुक्ला से बात हुई उन्होंने कहा खाने की बात है मैं लाकर दे दूंगी मुझे 112 से सूचना मिली थी मैं साथ गई थी मामला कोर्ट में विचाराधीन है। जनिष्ठा का यहा जबरदस्ती अकेले रहना ठीक नहीं बहुत समझाने पर भी कुछ समझ नहीं रही है लड़की ससुराल में रुकी है वहीं पर उसे खाने पीने की दिक्कत हो रही पुलिस मामले में नजर बनाए हुए हैं। मामला जब कोर्ट में विचाराधीन है तो ससुराल पक्ष को बहूं जनिष्ठा को घर में नहीं रहने देना चाहिए था अगर रह रही हैं तो खाने पीने घर को लाक कर दैनिक सुविधा से वंचित नहीं करना था कौन सही कौन ग़लत है यह तो अदालत तय करेगी लेकिन किसी को भूखे रखना घर लाक कर देना महिला उत्पीडन की श्रेणी में आता है देखते हैं मामले में किस तरह का मोड आता जो भविष्य के गर्भ में है।

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