पति की मौत के बाद प्रमाण पत्रों के लिए संघर्ष करती पुलिसकर्मी की पत्नी
लखीमपुर खीरी Jan 08, 2026 at 06:13 PM , 136सभी तथ्यों के बावजूद भी लेखपाल ने 3 बार रिजेक्ट किये प्रमाण पत्र
लखीमपुर-खीरी।सरकार की अनुकंपा नियुक्ति और पारिवारिक पेंशन जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं कागजों में भले ही आसान दिखाई देती हों, लेकिन जमीनी स्तर पर पीड़ितों को उनका लाभ पाने के लिए भारी संघर्ष करना पड़ रहा है। सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम छाउछ का मामला इसका उदाहरण है, जहां एक विधवा महिला को अपने पति की मौत के बाद भी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।ग्राम छाउछ के मोहल्ला धीरज नगर कॉलोनी निवासी लक्ष्मी देवी के पति स्वर्गीय अनिल कुमार शर्मा पुलिस विभाग में एसपी कार्यालय, सीतापुर में कार्यरत थे। 13 अगस्त 2025 को उनका आकस्मिक निधन हो गया। परिवार के मुखिया के अचानक चले जाने से आर्थिक स्थिति पूरी तरह डगमगा गई। शासन के नियमों के अनुसार पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति, पारिवारिक पेंशन व अन्य विभागीय लाभ मिलना चाहिए, लेकिन जरूरी प्रमाण पत्र न बनने से सारी प्रक्रिया अटक गई है। पीड़िता का आरोप है कि उन्होंने निवास और आय प्रमाण पत्र के लिए अब तक तीन बार आवेदन किया, लेकिन हर बार संबंधित लेखपाल अजीत कुमार द्वारा आवेदन को बिना स्पष्ट कारण बताए खारिज कर दिया गया। जब कारण पूछने का प्रयास किया गया तो संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। लक्ष्मी देवी ने बताया कि उनके नाम से 25 अगस्त 2021 को एक बार निवास प्रमाण पत्र पहले ही जारी किया जा चुका है। उस समय तकनीकी कारणों से आधार संशोधन नहीं हो पाया था। वर्तमान में आधार संशोधन और अन्य शासकीय कार्यों के लिए नया निवास और आय प्रमाण पत्र अनिवार्य है, इसके बावजूद बार-बार आवेदन खारिज होना सवाल खड़े करता है। पीड़िता का कहना है कि उनके पास पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, ग्राम प्रधान द्वारा जारी निवास प्रमाण पत्र, उत्तराधिकार प्रमाण पत्र सहित सभी आवश्यक अभिलेख पूर्ण रूप से उपलब्ध हैं। इसके बाद भी यदि प्रमाण पत्र नहीं बनाए जा रहे हैं तो यह सीधे तौर पर लापरवाही और मनमानी को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री पोर्टल पर पहुंचा मामला
लगातार हो रही अनदेखी से परेशान होकर लक्ष्मी देवी ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए पूरे मामले की जांच और शीघ्र कार्यवाही की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रमाण पत्र जारी नहीं हुए तो अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।मामले को लेकर जब लेखपाल संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है और तथ्यों की जांच की जा रही है। यदि तथ्य सही है तो दस्तावेज अवश्य बनाए जाएंगे।
एसडीएम सदर अश्विनी कुमार ने कहा कि प्रार्थना पत्र को सभी दस्तावेजों के साथ कार्यालय भेज दीजिए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
सरकारी दावों पर सवाल
यह मामला शासन के उन दावों पर सवाल खड़े करता है, जिनमें कहा जाता है कि विधवाओं और आश्रितों को समयबद्ध तरीके से सरकारी लाभ दिए जाएंगे। पति की मौत के बाद नौकरी की आस लगाए बैठी महिला आज भी प्रमाण पत्रों के लिए भटकने को मजबूर है। जब एक पुलिसकर्मी के परिवार को ही समय पर न्याय और सरकारी लाभ नहीं मिल पा रहा है, तो आम नागरिकों की स्थिति क्या होगी।































Comments