यज्ञ से शुद्ध होता है वातावरण- पंडित राजेश दीक्षित

लखीमपुर खीरी , 204

सुनील शर्मा

लखीमपुर खीरी।यज्ञ हमें परमार्थ करने की प्रेरणा देता है।यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है।यज्ञ हमें सेवा, साधना व जीवन जीने की कला सिखाता है अतः हमें प्रतिदिन यज्ञ करना चाहिए।हमारा जीवन यज्ञमय होना चाहिए।यह सृष्टि यज्ञमय है।यज्ञ हमें दान एवं सत्कर्म करना सिखाता है। उक्त विचार हैं श्री वेदमाता गायत्री प्रचार समिति के संस्थापक अध्यक्ष यज्ञाचार्य पं राजेश दीक्षित के जिन्होंने ग्राम कैमासुर के सिद्ध बाबा स्थान पर सात दिवसीय पांच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ कराते हुए कहा। महायज्ञ के शुभारंभ अवसर पर महंत आशुतोष गिरी जी महाराज ने यज्ञाचार्य पं राजेश दीक्षित का माल्यार्पण कर पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। महायज्ञ अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक पं श्री राम शर्मा आचार्य व परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के सूक्ष्म संरक्षण में संपन्न हो रहा है। महायज्ञ के द्वितीय दिवस पर देव पूजन के साथ सैकड़ों परिजनों ने हवन किया।

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