*चन्दन चौकी बॉर्डर पर तस्करी का खेल! चाइनीज लहसुन, अखरोट समेत अन्य सामान की आवाजाही पर उठे सवाल।*
लखीमपुर खीरी Oct 12, 2026 at 05:43 PM , 1*दुधवा चौराहे पर पकड़ी गई पिकअप को छोड़ने के आरोप, एसएसबी और स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल;*
*तस्करी रोकने के लिए बनाई गईं चौकियों व बंसीनगर चौंकी की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल चर्चा*
पलियाकलां/लखीमपुर खीरी। भारत-नेपाल सीमा से सटे तहसील क्षेत्र के चन्दन चौकी इलाके में चाइनीज लहसुन, अखरोट समेत अन्य सामान की कथित तस्करी का मामला एक बार फिर चर्चा में है। आरोप है कि रात के अंधेरे में तस्करी का सामान इधर से उधर पहुंचाया जा रहा है, लेकिन इस पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। इससे सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और चन्दन चौकी पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
*दुधवा तिराहे पर पकड़ी गई पिकअप को छोड़ने का आरोप*
बताया जा रहा है कि हाल ही में दुधवा चौराहे पर एक पिकअप पकड़ी गई थी, जिसके संबंध में आरोप है कि बाद में उसे छोड़ दिया गया। इस प्रकरण को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि, पिकअप में कौन-सा सामान था, उसे किस आधार पर छोड़ा गया और क्या कोई आधिकारिक कार्रवाई की गई, इसकी पुष्टि संबंधित विभागों से होना बाकी है। मामले की निष्पक्ष जांच से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
*पहले भी पकड़ा जा चुका है तस्करी का सामान*
स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि चन्दन चौकी और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में इससे पहले भी कई बार कथित तस्करी का सामान पकड़ा जा चुका है। इसके बावजूद यदि रात के समय संदिग्ध गतिविधियां जारी हैं, तो यह निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है। आखिर सीमा क्षेत्र में तस्करी की आशंका के बावजूद ऐसी गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा है?
*तस्करी रोकने के लिए बनीं चौकियां, फिर भी सवाल बरकरार*
सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध सामान की आवाजाही रोकने के उद्देश्य से खीरी पुलिस की ओर से विभिन्न स्थानों पर चौकियां स्थापित की गई हैं। इसके साथ ही सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी एसएसबी की भी है। ऐसे में सवाल उठता है कि रात के अंधेरे में कथित तौर पर सामान की आवाजाही हो रही है, तो नियमित गश्त और निगरानी के दौरान इस पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई दे रही है? हालांकि, चौकियों की व्यवस्था को पूरी तरह विफल बताने से पहले संबंधित विभागों की वास्तविक कार्रवाई और आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच जरूरी है।
*जांच और जवाबदेही की उठ रही मांग*
चन्दन चौकी क्षेत्र में कथित तस्करी के मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों को गंभीरता से संज्ञान लेने की जरूरत है। दुधवा चौराहे पर पकड़ी गई पिकअप के प्रकरण की जांच, रात में होने वाली संदिग्ध आवाजाही की निगरानी और सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय की समीक्षा की जानी चाहिए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
अब बड़ा सवाल यह है कि भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी रोकने के लिए तैनात सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस आखिर कितनी प्रभावी निगरानी कर रही हैं? क्या संबंधित अधिकारी मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाएंगे और कथित तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाएंगे?
फिलहाल, पिकअप को छोड़े जाने के आरोपों और कथित तस्करी के संबंध में एसएसबी एवं स्थानीय पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।






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