मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित, ग्रामीणों को स्वरोजगार के लिए किया प्रेरित

लखीमपुर खीरी , 0

लखीमपुर खीरी। मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 13 एवं 14 सितंबर 2026 को ग्राम पंचायत चखरा, न्याय पंचायत खैरानी, विकासखंड निघासन में दो दिवसीय खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन ग्राम प्रधान श्री कन्हैया लाल वर्मा ने किया। प्रशिक्षण में ग्रामीणों को खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े लघु उद्योग स्थापित कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में केंद्र प्रभारी श्री राजेश कुमार पिप्पल ने मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना की जानकारी देते हुए बताया कि खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने वाले पात्र व्यक्तियों को इकाई लागत का 50 प्रतिशत, अधिकतम एक लाख रुपये तक विभागीय अनुदान प्रदान किए जाने का प्रावधान है। योजना के अंतर्गत केला चिप्स, आटा चक्की, मसाला चक्की, मिर्च का अचार एवं मुरब्बा जैसे उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं।

कुमारी नेहा वर्मा, मास्टर ट्रेनर ने अचार, मुरब्बा, जैम, जेली, कैंडी, सॉस एवं केचप निर्माण की तकनीक, इकाई स्थापना और पैकेजिंग के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों को व्यवसाय के रूप में विकसित करने तथा स्टार्टअप शुरू करने पर जोर दिया। प्रशिक्षणार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

पूर्व केंद्र प्रभारी श्री रामजी वर्मा ने हल्दी का अचार तैयार कर बाजार में उतारने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर खाद्य उत्पाद तैयार कर उनका व्यवसाय करने से ग्रामीण अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत डीआरपी श्री पीयूष सिंह ने विभिन्न प्रकार की खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना तथा इसके लिए आवश्यक प्रपत्रों की जानकारी दी। वहीं, डीआरपी श्री शिव कुमार ने बताया कि खाद्य उत्पादों का निर्माण कर उनकी उचित पैकेजिंग के माध्यम से बाजार में उतारा जा सकता है। उन्होंने फूड सेफ्टी विभाग से लाइसेंस प्राप्त करने, उत्पादों की ब्रांडिंग करने और बाजार में अपनी पहचान स्थापित करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

डीआरपी श्री सतीश कुमार ने ग्रामीणों को छोटे-छोटे उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने दूध डेयरी, मसाला चक्की और तेल कोल्हू जैसे व्यवसायों की जानकारी देते हुए इनके माध्यम से स्वरोजगार एवं आय के अवसर विकसित करने पर जोर दिया।

कार्यक्रम का समापन पंचायत मित्र श्री अमरजीत ने किया। प्रशिक्षण के दौरान ग्रामीणों को खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना, उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग, लाइसेंस एवं विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं।

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