किसान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष से मारपीट का मामला गरमाया गिरफ्तारी की मांग को लेकर तहसील में जुटे सैकड़ों कार्यकर्ता

लखीमपुर खीरी , 2

निघासन/लखीमपुर। जनपद के पढ़ुआ थाना क्षेत्र के ढखेरवा स्थित सियाराम एजेंसी पर भारतीय किसान मजदूर यूनियन सिंघानिया संगठन के रमियाबेहड़ ब्लॉक अध्यक्ष शिवपूजन राज के साथ कथित मारपीट और बंधक बनाए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। रविवार को निघासन तहसील परिसर में संगठन के सैकड़ों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता एकत्रित हुए और आगे की रणनीति तैयार करने की तैयारी में जुटे हैं।

बताया जाता है कि ब्लॉक अध्यक्ष शिवपूजन राज पूर्व में फाइनेंस कराई गई बाइक की किस्त से संबंधित जानकारी लेने के लिए ढखेरवा स्थित सियाराम एजेंसी गए थे। आरोप है कि वहां एजेंसी मालिक छोटू जायसवाल सहित सुशील वर्मा, नितिन जायसवाल, अभिषेक कुमार समेत करीब 10 लोगों ने उन्हें कथित तौर पर घसीटते हुए गैराज के अंदर ले जाकर बंधक बनाया और उनके साथ मारपीट की। शिवपूजन राज ने गले से सोने का लॉकेट छीनने का भी आरोप लगाया है।

किसी तरह वहां से निकलने के बाद शिवपूजन राज ने घटना की जानकारी भारतीय किसान मजदूर यूनियन सिंघानिया संगठन के प्रदेश संगठन मंत्री नंदकिशोर आर्या को दी। सूचना मिलते ही संगठन के पदाधिकारी रजनीश कुमार, सुरेश कुमार, शिवकुमार चौहान, जसवंत वर्मा, श्रवण सिंह, मेवा लाल पाल, राकेश कुमार, कमलेश कुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पढ़ुआ थाने पहुंचे।

संगठन की ओर से पुलिस को शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया गया। संगठन के पदाधिकारियों का आरोप है कि मुकदमे में शुरुआती तौर पर कम धाराएं लगाई गईं और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज कार्यकर्ताओं ने पढ़ुआ थाने के सामने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।

धरने के दौरान पुलिस अधिकारियों ने संगठन के पदाधिकारियों से वार्ता की। संगठन का कहना है कि वार्ता के बाद पुलिस ने तस्करा डालकर धाराओं में बढ़ोतरी की, लेकिन आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर कार्यकर्ता धरने पर डटे रहे।

बताया गया कि देर रात करीब 10 बजे क्षेत्राधिकारी शिवम कुमार पढ़ुआ थाने पहुंचे और किसान संगठन के पदाधिकारियों से वार्ता की। क्षेत्राधिकारी ने रविवार दोपहर 2 बजे तक का समय मांगते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इसके बाद संगठन के पदाधिकारियों ने उनकी बात मानते हुए धरना समाप्त किया और धरना स्थल पर ही भोजन किया।

इसी क्रम में रविवार दोपहर करीब 12 बजे निघासन तहसील में संगठन के सैकड़ों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता फिर से एकत्रित हुए। संगठन की योजना है कि पढ़ुआ थाने पहुंचकर थानाध्यक्ष से दोबारा वार्ता की जाए और मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी ली जाए।

संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि निर्धारित समय तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एस.के. सिंघानिया के निर्देशानुसार संगठन आगे बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा। फिलहाल बड़ी संख्या में किसान संगठन के कार्यकर्ता पढ़ुआ थाने जाने के लिए निघासन से रवाना होने की तैयारी में हैं।

Related Articles

Comments

Back to Top