नाग पंचमी के पावन अवसर पर शारदा तट पर कालसर्प दोष निवारणार्थ, हवन,पूजन, रुद्राभिषेक संपन्न,

लखीमपुर खीरी , 24

विश्वकांत त्रिपाठी 

पलिया कलां लखीमपुर खीरी। नागपंचमी के पावन अवसर पर पंचमुखी हनुमान धाम के प्रमुख आचार्य पंडित वेद प्रकाश मिश्रा "व्यास जी" के निर्देशन में नगर के शारदा तट पर कालसर्प निवारण अनुष्ठान का विधि विधान हवन-पूजन अर्चन तथा भगवान महादेव का दुग्धाभिषेक (अभिषेक) षोडशोपचार पूजन वेद-वेदांग गुरुकुल के विद्वान आचार्यो द्वारा संपन्न कराया गया।
         हमारे पुराणों में श्रवण मास भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन अर्चन के लिए अति महत्वपूर्ण बताया गया है पूरी सृष्टि की सत्ता महाकाल भगवान शिव के पास रहती है।
   सर्पराज वासुकीनाथ बाबा भोलेनाथ के कंठ में विद्यमान रहते हैं तथा भोलेनाथ कंठ में विराजमान रहते है, श्रवण मास की नागपंचमी कालसर्प पूजन के लिए अति महत्वपूर्णतिथि मानी जाती है नागपंचमी के पावन अवसर पर महाराज श्री "व्यास जी"बौधिया वालों के निर्देशन मे नगर के शारदा तट पर जनपद सहित प्रदेश के कानपुर लखनऊ लखीमपुर हरदोई तथा शाहजहांपुर से आए एक दर्जन से अधिक श्रद्धालुओं ने शारदा तट पर कालसर्प निवारणार्थ पूजन तथा रुद्राभिषेक कर भगवान भोलेनाथ सहित माता भगवती पार्वती तथा नागराज बसुकीनाथ कृपा प्राप्त की। इस अवसर पर प्रमुख रूप से नगर के वरिष्ठ समाजसेवी राजेश कुमार भारतीय "राजा भैया", इंदिरा नगर सभासद डॉक्टर रविंद्र सिंह, सिंगहिया सभासद अवधेश सक्सेना सपत्नीक,जय गोविन्द जोशी, लखीमपुर से डॉ बी.के सिंह, लखनऊ से डॉक्टर दिव्यांश पवांर, कानपुर से पुष्पेंद्र त्रिवेदी, लखनऊ से शैलेश दिवाकर, सेवानिवृत्ति स्टेशन मास्टर दिलीप कुमार गुप्ता, वरिष्ठ पत्रकार विश्वकांत त्रिपाठी, जालौन से अभिषेक मिश्र,संतोष लता त्रिपाठी, रुद्राक्ष त्रिपाठी,गौरव राणा,सहित सुंदर कांड हनुमत समाज सेवा मंडल के सेवादार तथा नैमिष धाम से पधारे आचार्यों ने विधि-विधान से कालसर्प निवारणार्थ अनुष्ठान तथा रुद्राभिषेक संपन्न कराया।

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