आलू किसानों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, 1000 करोड़ का भाव स्थिरता कोष
अन्य खबरे Aug 17, 2026 at 01:10 PM , 22 **भंडारण शुल्क में 100 रुपये प्रति क्विंटल तक की सब्सिडी, आलू बीज पर भी मिलेगी 1000 रुपये प्रति क्विंटल तक की छूट**
**लखनऊ।** उत्तर प्रदेश सरकार ने आलू उत्पादक किसानों को बाजार मूल्य में गिरावट, भंडारण लागत और गुणवत्तापूर्ण बीज की बढ़ती कीमत से राहत देने के लिए तीन नई योजनाएं शुरू की हैं। उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने उद्यान भवन, सप्रू मार्ग, लखनऊ में इन योजनाओं के पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विकसित ऑनलाइन पोर्टल **potato.uphorticulture.in** का शुभारंभ किया।
सरकार की नई पहल के तहत **1000 करोड़ रुपये के भामाशाह भाव स्थिरता कोष** की व्यवस्था की गई है। इसके माध्यम से आलू के बाजार मूल्य में गिरावट की स्थिति में किसानों को राहत देने का प्रयास किया जाएगा।
### उत्पादन लागत और बाजार मूल्य के अंतर पर मिलेगी सहायता
योजना के तहत कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति आलू की उत्पादन लागत निर्धारित करेगी। किसानों को निर्धारित उत्पादन लागत के **25 प्रतिशत अथवा उत्पादन लागत और बिक्री मूल्य के बीच के अंतर** के बराबर सब्सिडी दी जाएगी। दोनों में से जो राशि कम होगी, उसी के आधार पर सहायता प्रदान की जाएगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य बाजार में कीमत गिरने की स्थिति में किसानों को उनकी उत्पादन लागत के मुकाबले होने वाले नुकसान से राहत देना है।
### कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने पर भी राहत
आलू के भंडारण की लागत कम करने के लिए निजी कोल्ड स्टोरेज में रखे गए आलू पर किसानों को **100 रुपये प्रति क्विंटल तक की सब्सिडी** दी जाएगी। एक किसान को अधिकतम **20,000 रुपये** तक की सहायता मिल सकेगी।
इससे उन किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें बाजार में उचित मूल्य नहीं मिलने पर अपनी उपज को कुछ समय के लिए कोल्ड स्टोरेज में रखना पड़ता है।
### गुणवत्तापूर्ण बीज पर 1000 रुपये तक की छूट
सरकार ने किसानों को नए और उच्च गुणवत्ता वाले आलू के बीज उपलब्ध कराने के लिए बीज बिक्री दर पर छूट की योजना भी शुरू की है। इसके तहत विभाग के आधार बीज की खरीद पर किसानों को **अधिकतम 1000 रुपये प्रति क्विंटल तक की छूट** मिलेगी।
### ऑनलाइन पोर्टल से पारदर्शी होगा क्रियान्वयन
इन योजनाओं के सफल एवं पारदर्शी संचालन के लिए विभाग ने **ऑनलाइन पोर्टल** विकसित किया है। इसके माध्यम से योजनाओं से संबंधित प्रक्रिया को डिजिटल और सुगम बनाने का प्रयास किया गया है।
सरकार का कहना है कि इन तीनों योजनाओं का मुख्य उद्देश्य आलू उत्पादकों को बाजार में भाव गिरने, कोल्ड स्टोरेज की लागत बढ़ने और गुणवत्तापूर्ण बीज की खरीद पर आने वाले खर्च से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाना है।
आलू उत्पादन में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए सरकार की यह पहल किसानों की आय को स्थिर रखने और उन्हें बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



























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