वन कर्मियों के दौड़ाने पर, बचने के लिए नकौआ नदी मे लगा दी छ्लांग,डूबा, एक की मौत,

लखीमपुर खीरी , 16

(विश्वकांत त्रिपाठी/केके शुक्ला) 

      पलिया कलां लखीमपुर खीरी दुधवा जंगल से धरती के फूल लेकर लौट रहे युवकों को वन कर्मियों के दौड़ाने पर बचने के लिए नकौआ नदी मे लगा दी छ्लांग,डूबा,मौत,अगले दिन मौके पर परिजन मौजूद पर शव को खोजने नहीं पहुंचे जुम्मेदार।
     दुधवा टाइगर रिजर्व के दुधवा वन रेंज के बंसीनगर के समीप रेलवे मार्ग पर सोमवार को दुधवा जंगल से धरती के फूल लेकर साथियों के साथ लौट रहे सूरज पुत्र विजय लगभग 32 वर्षीय निवासी मोहल्ला टेहरा,कोतवाली पलिया कलां ने दुधवा वन कर्मियों के दौड़ाने पर बचने हेतु अपने साथी सहित पूर्व में कटे रेलवे मार्ग कुंडा में छलांग दी।
         जिसमें साथी तो तैर कर वन कर्मियों के चुंगल से नौ-दो-ग्यारह हो गये और सूरज नदी में ही डूब गया,जिसको वन कर्मियों सहित गोताखोरों ने देर शाम तक  बहुत खोजा पर कोई सुराग नहीं लग सके।मृतक के परिवार को इसकी खबर मिलते ही कोहराम मच गया। मंगलवार सुबह मौके पर शव को खोजने पहुंचे परिजन सहित भारी भीड़ मौजूद परन्तु पुलिस और वन विभाग सहित कोई भी जुम्मेददार नहीं पहुंच सका।परिवार वालो‌ की जुबानी,धरती के फूल खोदने गये युवकों को वन कर्मचारियों ने दौड़ाया और पकड़ कर पिटाई की अधिक पिटाई के भय से भयभीत सभी गहरे पानी में कूद गये, जो तैर पाया वह निकल गया लेकिन सूरज का पता नहीं चला, न ही अभी तक तक 24 घंटे बीतने  को है लाश ही मिली है इससे अनुमान लगाया  जा रहा है सूरज डूब गया अथवा मगरमच्छ का निवाला बन गया, समाचार  लिखे जाने तक सूरज का शव नहीं मिल सका।
      इस घटना से क्षेत्र में अफरा तफरी मची हुई है और लोगों में वन विभाग के प्रति खासा आक्रोश व्याप्त है। मृतक के‌ परिजनों एवं उसके साथियों का आरोप है कि वनकर्मियों ने उनसे बीस-बीस हजार रुपयों की मांग की। गरीबी के कारण रुपये देने‌ में असमर्थता जताने पर कर्मचारियों ने उनकी पिटाई करते हुए दौड़ाया, मृतक के परिजनों का कहना है कि वनकर्मियों द्वारा की गयी पिटाई से भयभीत होकर दो लोग बहते हुए गहरी पानी में कूद गये। एक साथी तो तैरकर किसी तरह बचकर पानी से बाहर निकल आया, लेकिन 32 वर्षीय सूरज पुत्र विजय तैर नहीं सका और पानी में डूब गया। युवक की मौत से परिजनों में कोहराम‌‌ मचा हुआ है। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी न तो वन विभाग ने कोई अमल‌ किया और न ही पुलिस ने शव को तलाश कर‌ने की कोशिश की। परिजनों ने बताया कि वो लोग पुलिस के पास प्रार्थन पत्र लेकर पहुंचे तो पुलिस ने कहा कि ये वन विभाग की जिम्मेदारी है और इसमें वन विभाग ही कार्रवाई करेगा। 
      इससे आक्रोशित परिजनों एवं मोहल्लेवासियों ने दुधवा मुख्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, लेकिन इसके बाद भी वन विभाग की ओर से युवक के शव को तलाशने की‌ कोई कार्रवाई नहीं की गयी‌। सूचना पर पहुंचे पलिया एसडीएम और पुलिस क्षेत्राधिकारी मौके पर पहुंच गये। दोनों अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया और एनडीआरएफ टीम को शव की खोज करने के आदेश दिए। एसडीएम के आदेश पर एनडीआरएफ टीम मौके पर पहुंच गयी है। टीम चार घंटे से शव की तलाश करने में जुटी हुई है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक सूरज के शव का कोई अता पता नहीं चल सका था। एसडीएम पुष्पक‌ एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी जितेन्द्र सिंह परिहार‌ ने बताया कि शव की खोज करने के लिए एनडीआरएफ एवं गोताखोरों को लगाया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है। 
      मृतक गरीब परिवार से है, जो मजदूरी करके अपना परिवार चलाता था। उसकी अचानक हुई मौत से उसका पूरा परिवार टूट गया।

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