पांच जुलाई को होगा गुरुकुल मे अध्यनरत वटुकों का यज्ञोपवीत,

लखीमपुर खीरी , 3

गोला गोकर्णनाथ खीरी,
भारतीय संस्कृति, वैदिक शिक्षा एवं सनातन परंपराओं के संरक्षण के उद्देश्य से स्थापित कर्मसु वेद वेदांग गुरुकुल विद्यापीठ निरंतर संस्कारित, चरित्रवान एवं राष्ट्रनिष्ठ पीढ़ी के निर्माण हेतु कार्य कर रहा है। गुरुकुल में विद्यार्थियों को वेद, वेदांग, संस्कृत, भारतीय संस्कृति, योग, यज्ञ, आध्यात्मिक शिक्षा एवं नैतिक मूल्यों का प्रशिक्षण आधुनिक शिक्षा के समन्वय के साथ प्रदान किया जा रहा है।
इसी क्रम में गुरुकुल परिसर में 5 जुलाई 2026, रविवार को प्रातः 11:00 बजे से 21 बटुक ब्राह्मणों का यज्ञोपवीत (उपनयन) संस्कार वैदिक मंत्रोच्चार एवं विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में सम्पन्न कराया जाएगा।
गोला तहसील के ग्राम कपरहा के मजरा तेन्धुआ मे बाबा तुरंतनाथ धाम मे स्थित गुरुकुल के संचालक रामदेव मिश्र शास्त्री ने बताया कि यज्ञोपवीत संस्कार सनातन धर्म के सोलह संस्कारों में अत्यंत महत्वपूर्ण संस्कार है। यह बालक के जीवन में ज्ञान, अनुशासन, वेदाध्ययन, आत्मसंयम तथा आध्यात्मिक जीवन की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। संस्कार के माध्यम से बालकों को धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराया जाता है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में वैदिक परंपरा के अनुरूप सभी धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न होंगे तथा उपस्थित श्रद्धालु नवदीक्षित बटुकों को आशीर्वाद प्रदान करेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य समाज में वैदिक शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाना है।
रामदेव मिश्र शास्त्री ने समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं, गणमान्य नागरिकों एवं क्षेत्रवासियों से सपरिवार कार्यक्रम में उपस्थित होकर इस पावन अवसर के साक्षी बनने का आग्रह किया है।

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