*होटल-हॉस्पिटल से लेकर ऊंची इमारतों तक अग्नि सुरक्षा पर सख्ती, डीएम-एसपी ने दिए कड़े निर्देश*
लखीमपुर खीरी Jul 02, 2026 at 07:46 PM , 4*अटल सभागार में अग्नि सुरक्षा गोष्ठी, एक माह का अल्टीमेटम; इसके बाद होगी छापेमारी*
लखीमपुर खीरी, 02 जुलाई। जिले में होटल, अस्पताल, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और बहुमंजिला भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। उप्र अग्निशमन एवं आपात सेवाओं के तहत कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में “अग्नि सुरक्षा गोष्ठी” का आयोजन हुआ, जिसकी संयुक्त अध्यक्षता डीएम अंजनी कुमार सिंह और एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने की। संचालन जिला अग्निशमन अधिकारी अक्षत शर्मा ने किया।
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि यह बैठक सभी की सुरक्षा और सहूलियत को ध्यान में रखकर आयोजित की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन और प्रतिष्ठानों के संयुक्त प्रयास से ही बड़ी अग्नि दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। सभी फायर सेफ्टी उपकरण हर समय क्रियाशील रहें, यह प्रत्येक प्रतिष्ठान की नैतिक जिम्मेदारी है। भवनों में पर्याप्त वेंटिलेशन और सुरक्षित एग्जिट व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए, ताकि आपात स्थिति में जनहानि न हो।
डीएम ने कहा कि यह बैठक लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से की गई है, लेकिन इसके बाद लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। प्रतिष्ठानों में ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण किसी भी दशा में न किया जाए। डीएम ने सभी प्रतिष्ठानों को अग्नि सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए एक माह का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि के बाद प्रशासनिक टीम द्वारा सघन निरीक्षण एवं छापेमारी की जाएगी और खामियां मिलने पर सख्त कार्रवाई तय होगी।
एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, ऐसे में हर संस्थान को जिम्मेदारी के साथ मानकों का पालन करना होगा। आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया ही बड़े हादसों को रोक सकती है। उन्होंने सभी प्रतिष्ठान स्वामियों से फायर उपकरणों को हर समय क्रियाशील रखने, नियमित जांच व मेंटेनेंस सुनिश्चित करने तथा कर्मचारियों को आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित करने की सख्त हिदायत दी।
एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि यदि सभी लोग छोटी-छोटी सावधानियों को गंभीरता से अपनाएं तो बड़ी से बड़ी अग्नि दुर्घटनाओं और जान-माल के भारी नुकसान को भी प्रभावी रूप से रोका जा सकता है। सीओ सिटी विवेक तिवारी ने कहा कि सभी प्रतिष्ठानों में एग्जिट और छत पर जाने के रास्ते किसी भी स्थिति में अवरुद्ध नहीं होने चाहिए। स्टाफ को फायर सेफ्टी उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण दिया जाए। एग्जिट मार्गों पर अंधेरे में चमकने वाले संकेतक अनिवार्य रूप से लगाए जाएं, ताकि आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी सुनिश्चित हो सके।
जिला अग्निशमन अधिकारी अक्षय रंजन शर्मा ने कहा कि अग्नि सुरक्षा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन सुरक्षा की सबसे अहम कड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी होटल, अस्पताल, औद्योगिक इकाई या बहुमंजिला भवन में फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी सीधे बड़े हादसे को आमंत्रण दे सकती है।
बैठक में एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, सीओ सिटी विवेक कुमार, एसडीएम सदर अश्विनी कुमार सिंह, जिला अग्निशमन अधिकारी अक्षत शर्मा सहित जिलेभर के बड़े होटल, अस्पताल, औद्योगिक इकाइयों एवं बहुमंजिला भवनों के स्वामी और प्रबंधक मौजूद रहे।































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