राम मंदिर ट्रस्ट की पारदर्शिता पर फिर उठे सवाल, अमिताभ ठाकुर बोले—सार्वजनिक किए जाएं वित्तीय दस्तावेज

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आजाद अधिकार सेना प्रमुख का दावा—ट्रस्ट ने पत्र के जवाब में कहा, CAG ने कभी नहीं किया ऑडिट; अब दोबारा करेंगे दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग

लखनऊ, 2 जुलाई 2026। आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट से जुड़े हालिया घटनाक्रम उनके द्वारा पिछले कई वर्षों से उठाए जा रहे मुद्दों की प्रासंगिकता को और मजबूत करते हैं।
अमिताभ ठाकुर ने बताया कि उन्होंने 26 फरवरी 2024 को ट्रस्ट को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि वह स्वेच्छा से अपने ट्रस्ट डीड, वार्षिक प्रतिवेदन, बैलेंस शीट तथा अन्य मूलभूत वित्तीय अभिलेख सार्वजनिक करे, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं के बीच पारदर्शिता और विश्वास और अधिक मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि इस अनुरोध पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद 7 जून 2025 को उन्होंने दोबारा पत्र भेजा।
उन्होंने बताया कि इसी दौरान ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय का एक सार्वजनिक बयान सामने आया, जिसमें ट्रस्ट के खातों का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा ऑडिट होने की बात कही गई थी। इस संबंध में उन्होंने चम्पत राय को पत्र भेजकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया।
अमिताभ ठाकुर के अनुसार, ट्रस्ट की ओर से प्राप्त जवाब में कहा गया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक स्वतंत्र एवं स्वायत्त संस्था है और उसके खातों का कभी भी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा ऑडिट नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि अब वह ट्रस्ट को पुनः पत्र लिखकर ट्रस्ट डीड, वार्षिक प्रतिवेदन, बैलेंस शीट और अन्य वित्तीय अभिलेख सार्वजनिक करने का अनुरोध करेंगे। उनका कहना है कि देश के करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण संस्थान में अधिकतम पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना आवश्यक है।
हालांकि, ट्रस्ट की ओर से अमिताभ ठाकुर की ताजा मांग पर अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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