भ्रष्टाचार के आरोपों में हरदोई के BSA डॉ. अजीत सिंह निलंबित, भर्ती और पेंशन घोटाले की होगी विभागीय जांच

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61 शिक्षकों की भर्ती में अनियमितता, रिश्वतखोरी और पद के दुरुपयोग के आरोप; संयुक्त शिक्षा निदेशक बनाए गए जांच अधिकारी

लखनऊ/हरदोई, 2 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार और गंभीर प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोपों में हरदोई के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) डॉ. अजीत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रारंभिक जांच में भर्ती प्रक्रिया, नियुक्तियों और पेंशन मामलों में गंभीर अनियमितताओं के साथ पद के दुरुपयोग के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार, 61 शिक्षकों की भर्ती एवं नियुक्ति प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी, निजी लाभ के लिए अधिकारों के दुरुपयोग और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में गंभीर गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं। आरोप है कि भर्ती से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलें कार्यालय से अपने आवास ले जाई गईं और उन्हें समय पर वापस नहीं किया गया, जिससे जांच और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए।
डॉ. अजीत सिंह पर एक सेवानिवृत्त शिक्षक की पेंशन फाइल के निस्तारण के बदले 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप भी जांच का हिस्सा है। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद भर्ती प्रक्रिया और काउंसलिंग में जानबूझकर देरी करने के आरोप भी लगाए गए हैं।
शासन ने मामले की विस्तृत विभागीय जांच के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक, लखनऊ मंडल को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच में सभी आरोपों की तथ्यात्मक पड़ताल की जाएगी और दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निलंबन अवधि के दौरान डॉ. अजीत सिंह को शिक्षा निदेशक (बेसिक), लखनऊ कार्यालय से संबद्ध किया गया है। शासन का कहना है कि शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
यह कार्रवाई बेसिक शिक्षा विभाग में भर्ती और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की निष्पक्षता को लेकर सरकार के कड़े रुख का संकेत मानी जा रही है।

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