मोहर्रम का चांद नजर आया, और अकीदत का महीना शुरू
लखीमपुर खीरी Jun 18, 2026 at 06:32 PM , 5मोहम्मदी संवाददाता
मोहम्मदी खीरी मोहर्रम का चांद नजर आते ही इस्लामी नववर्ष की शुरुआत हो गई। चांद दिखाई देने की घोषणा के बाद क्षेत्र के इमामबाड़ों और मस्जिदों में तैयारियां तेज हो गईं। मोहर्रम के पहले दिन से ही मजलिसों और धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हो गया है।
पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाता है। इस दौरान अकीदतमंद कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश करते हैं। इमामबाड़ों को सजाया जा रहा है तथा ताजियों की तैयारी भी जोरों पर है।
इस संबंध में सुन्नी कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद इलियास अली ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी बड़े ही हकीकत के साथ मोहर्रम मनाया जाएगा पांच मोहर्रम यानी की 21 जून दिन रविवार को आलम का जुलूस नगर में भ्रमण करेगा देर रात समापन होगा सातवीं का आलम जुलूस 23 जून दिन मंगलवार को भ्रमण करेगा देर रात समाप्त होगा आठ मोहर्रम को मोहल्ला सरैया में हर साल की भांति इस साल भी बड़ा लंगर होगा 24 जून दिन बुधवार नौ मोहर्रम 25 जून दिन गुरुवार को आलम और ताजिए का जुलूस पूरे नगर का भ्रमण करेगा देर रात समाप्त होगा 10 मोहर्रम यानी की 26 जून दिन जुम्मा को दिन के 2:00 बजे मोहल्ला सरैया का भ्रमण करके गरबापुर कर्बला के लिए प्रस्थान करेगा जहां रात 8:00 बजे ताजियों को दफन किया जाएगा
धार्मिक सूफी और उलमाओं ने बताया कि मोहर्रम का महीना त्याग, बलिदान, इंसानियत और सत्य के लिए संघर्ष का संदेश देता है। दसवीं मोहर्रम (यौमे आशूरा) को विशेष मजलिसें और जुलूस आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे।































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