लोहिया संस्थान में शुरू हुई तीसरी कैथ लैब, हृदय रोगियों को मिलेगा तेजी से इलाज
जनपत की खबर Jan 02, 2026 at 05:35 PM , 120लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में हृदय रोगियों के उपचार का इंतजार अब कम होगा। रोगियों को समय पर जांच और उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित की गई नई कैथ लैब अत्यंत उपयोगी साबित होगी। इससे इमरजेंसी हृदय रोगियों की जांच और उपचार लैब में ही तुरंत संभव हो सकेगा।
यह बातें उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने शुक्रवार को लोहिया संस्थान में तीसरी कैथ लैब के उद्घाटन के अवसर पर कहीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से सुधार हो रहा है। अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों को लगातार अपग्रेड किया जा रहा है तथा आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से उन्हें सशक्त बनाया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान आधुनिक उपचार उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा रहा है। कम समय में संस्थान ने उल्लेखनीय प्रगति की है। यहां रोबोटिक सर्जरी, किडनी ट्रांसप्लांट और न्यूरो साइंस सेंटर के माध्यम से अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में संस्थान के कार्डियोलॉजी विभाग में दो कैथ लैब कार्यरत थीं। तीसरी कैथ लैब के शुरू होने से जांच और उपचार की क्षमता और बढ़ेगी। अभी प्रतिदिन लगभग 20 एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर से संबंधित प्रक्रियाएं की जा रही हैं, जो अब बढ़कर लगभग 30 प्रतिदिन हो जाएंगी। इससे गंभीर हृदय रोगियों को शीघ्र, सुरक्षित और प्रभावी उपचार मिल सकेगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्डियोलॉजी सेवाओं पर बढ़ता भरोसा आंकड़ों से स्पष्ट है। प्रतिदिन 250 से 300 मरीज कार्डियोलॉजी ओपीडी में परामर्श के लिए आ रहे हैं। वार्षिक रूप से लगभग 50 हजार ओपीडी परामर्श और करीब 8 हजार मरीजों को कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती किया जाता है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एक और नई कैथ लैब की खरीद प्रक्रिया प्रगति पर है। इसके बाद संस्थान में कुल चार कैथ लैब होंगी। साथ ही इस वर्ष कार्डियोलॉजी विभाग को अत्याधुनिक तकनीकों से पूरी तरह सुसज्जित किया जा रहा है, जिसमें एडवांस्ड इकोकार्डियोग्राफी मशीन, दो पोर्टेबल इको मशीनें, टीएमटी (ट्रेडमिल टेस्ट) सुविधा और आईवस जैसी आधुनिक तकनीकें शामिल हैं।
कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह, सीएमएस डॉ. विक्रम सिंह, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरविंद सिंह, मातृ शिशु रेफरल हॉस्पिटल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. श्रीकेश सिंह, कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. भुवन चंद्र तिवारी, रजिस्ट्रार डॉ. सुब्रत चंद्रा सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक, डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहे।
रोगियों से लिया फीडबैक
कार्यक्रम के बाद उप मुख्यमंत्री ने मॉनिटरिंग रूम का निरीक्षण किया और उपचाररत रोगियों से बातचीत की। उन्होंने परिजनों से भी उपचार की जानकारी ली और इलाज के दौरान आने वाली समस्याओं पर फीडबैक प्राप्त किया।
































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