पूरी अकीदत से मनाया गया छेदा मियां का उर्स

लखीमपुर खीरी , 94

लखीमपुर खीरी। क़स्बा खीरी की मरकजी दरगाह में हज़रत हाफिज मोहम्मद मुश्ताक अलमारूफ़ छेदा मियाँ रह0 का सालाना उर्स परम्परागत तरीके से पूरी अकीदत के साथ मनाया गया।
इस मौके पर बीती रात आस्ताने पर चिरागां किया गया और देर रात तक महफिले समां का आयोजन हुआ। अगली सुबह शुक्रवार को क़ुरआन ख्वानी हुई और बाद में महफिले समां हुई। जुमा के दिन सवेरे जामा मस्जिद में मीलाद की नूरानी महफ़िल सजाई गई जिसमें ख़तीबे अहले बैत सय्यद सलमान रिज़वी ने नबी और आले नबी की शान में तकरीर की और जुमा की नमाज़ के पहले जामा मस्जिद में इस दरगाह के ही चश्मो चिराग मौलाना सय्यद अमीन मियाँ ने नूरानी खिताब किया और जुमा की नमाज़ के बाद फातेहा ख़्वानी हुई जिसमें दरगाह शरीफ के खानवादे सय्यद मिनहाज मियाँ, सय्यद शाह मुमताज़ मियाँ, मौलाना सय्यद अमीन मियाँ, सय्यद वकार मियाँ और बड़े मखदूम साहब खैराबादी के सज्जादा नशीन सय्यद मदनी मियाँ, अमृतापुर गाँव स्थित हज़रत साबिर मियाँ की दरगाह के सज्जादा हज़रत मुश्शन, दरगाह की जामा मस्जिद के इमाम हाफिज़ सईदुर्रह्मान साहब, मौलाना रईस साहब समेत बहुत से अकीदतमंदों ने फातेहा में शिरकत किया। बाद में बड़े पैमाने पर लंगर बांटा गया। दरगाह के साहिबे सज्जादा सय्यद मुमताज़ मियाँ की देख रेख में आयोजित इस 291 वाँ सालाना उर्स के मौके पर मुकामी व बाहरी हज़ारों अकीदतमंदों ने आस्ताने पर हाज़िरी देकर फ़ैज़ हासिल किया और साहिबे सज्जादा से मुलाक़त करके दस्तबोसी की। पूर्व वर्षो की तरह इस बार भी सालाना उर्स के मौके पर मेहमानों के खाने पीने और ठहरने का माकूल इंतिज़ाम किया गया।

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