*संपूर्ण समाधान दिवस : डीएम ने फरियादियों की सुनी समस्याएं, लाभार्थियों को मिली योजनाओं की सौगात*

लखीमपुर खीरी , 97

*शिकायतों का गुणवत्तापरक, समयबद्ध निस्तारण करें अफसर : डीएम*

*समाधान दिवस पर मुस्कुराए चेहरे : लाभार्थियों को मिली योजनाओं की सौगात*

(सुनील शर्मा)


लखीमपुर खीरी 05 जनवरी। संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर तहसील सदर के लोकसभागार में डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल, एसपी संकल्प शर्मा ने एक ओर जहां फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं, वहीं दूसरी ओर जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को टूलकिट प्रदान की।

जनसुनवाई के दौरान डीएम व एसपी ने अन्य अधिकारियों के साथ प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया और स्पष्ट निर्देश दिए कि जनशिकायतों की निष्पक्ष जांच कर समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने अधिकारियों से कहा कि शासन की प्राथमिकताओं में जनसमस्याओं का समाधान सर्वोपरि है। गरीब एवं जरूरतमंद व्यक्तियों की समस्याओं का संवेदनशीलता से तुरंत समाधान करते हुए उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि शिकायतकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए संतोषजनक निस्तारण करें और भूमि विवादों में राजस्व-पुलिस की संयुक्त टीम तत्काल कार्यवाही करे। 

इस समाधान दिवस में कुल 57 शिकायती प्रार्थना पत्र पंजीकृत हुए, जिनमें से 05 का मौके पर निस्तारण किया गया। प्राप्त शिकायतों में राजस्व विभाग की 24, पुलिस विभाग की 14, विकास विभाग की 05, आपूर्ति और विद्युत विभाग की 04-04, कृषि और नगर निकाय की 03-03 शिकायतें शामिल रहीं। सभी प्रार्थना पत्रों को पृष्ठांकित कर संबंधित विभागों को शीघ्र निस्तारण हेतु सौंपा गया। इस दौरान प्रशिक्षु आईएएस मनीषा धारवे, सीएमओ डॉ संतोष गुप्ता, एसडीएम अश्विनी कुमार सिंह, पीडी एसएन चौरसिया सहित जनपदीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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*समाधान दिवस पर मुस्कुराए चेहरे : लाभार्थियों को मिली योजनाओं की सौगात*
संपूर्ण समाधान दिवस जनपद में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का साक्षी बना। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल, एसपी संकल्प शर्मा ने स्वयं लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ सौंपा। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत दर्जी ट्रेड के 10 लाभार्थियों को सिलाई मशीन युक्त टूलकिट प्रदान की गई। डीएम ने कहा कि योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे अपने हुनर के बल पर आजीविका सुदृढ़ कर सकें।

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