सृष्टि में तीन की संख्या महत्वपूर्ण

लखीमपुर खीरी , 131

(सुनील शर्मा)

लखीमपुर खीरी। इस सृष्टि में तीन की संख्या बहुत महत्वपूर्ण है। ब्रह्मा, विष्णु, महेश तीन देवता मुख्य हैं। तीन देवियां हैं। तीन लोक हैं। गंगा, यमुना, सरस्वती तीन नदियां मुख्य हैं। परब्रह्म की तीन विशेषताएं प्रसिद्ध हैं,सत्, चित्, आनन्द। उसकी प्राप्ति के लिए ऋषियों ने तीन सूत्र बताए हैं, ज्ञान, कर्म और भक्ति। त्रेता युग में तीन असुर थे, रावण, कुंभकर्ण, मेघनाथ। द्वापर के तीन असुर कंस, जरासंध और शिशुपाल। कलयुग के तीन राक्षस हैं अज्ञान, अभाव, अनीति। तीनों ने समाज को घेर रखा है, चारों तरफ इनका साम्राज्य है। त्रिपुरासुर को मारने के लिए भगवान शंकर का त्रिशूल उठा था।उसी प्रकार इन राक्षसों को मारने के लिए ज्ञान, कर्म तथा भक्ति की गंगा बहानी पड़ेगी उक्त विचार हैं श्री वेदमाता गायत्री प्रचार समिति के संस्थापक अध्यक्ष पं राजेश दीक्षित के जिन्होंने ग्राम कैमासुर सिद्ध बाबा स्थान पर पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ की महापूर्णाहुति कराते हुए कहे। महायज्ञ में संगीत एवं प्रज्ञा गीत प्रस्तुत किया विष्णु कुमार शर्मा व अमित जी ने। महायज्ञ की महापूर्णाहुति में सैकड़ों महिला, पुरुष परिजनों ने राष्ट्र कल्याण हेतु आहुतियां देकर पूण्य को प्राप्त किया। महायज्ञ में समस्त ग्राम वासियों ने सहयोग किया।

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