बरवर जहानीखेड़ा रोड इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पीछे आम के काटे गए हरे भरे वृक्ष,मिटा दिए गए साक्ष्य
लखीमपुर खीरी Jan 01, 2026 at 06:15 PM , 125मामला बढ़ता देख वन विभाग के अधिकारियों ने खानापूर्ति के लिए काटा केस
पसगवां खीरी।पसगवां थाना क्षेत्र की बरवर चौकी क्षेत्र में हर रोज हर भरे वृक्षों पर आरा चलता है।इस बात की जानकारी पहले भी अधिकारियों को है मगर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है दिन हो या फिर रात लकड़कट्टे के हौंसले बुलंद ही रहते हैं जिसमें सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह बताया गया है बरवर में जो अभी हरे भरे पेड़ काटे गये जहानीखेड़ा रोड पर इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पीछे काटे गये हरे भरे आम के वृक्ष जिसमें 30 पेड़ का परमिट बताया गया है जिसमें ज्यादा पेंड काटे गये हैं।सूत्रों से यह भी पता चल रहा है की कुछ सागौन के पेड़ काटे गये है जिसमें 13 पेड का परमिट था जिसमें 20 पेड़ से ज्यादा काटे गए इस सम्बन्ध में वन विभाग अधिकारी अखिलेश सिंह से इस सम्बन्ध में जानकारी लेने पर बताया की टीम भेजकर अभी हम आपको बता रहे हैं लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी उन्होंने कोई सही जानकारी नहीं दी।इससे ऐसा प्रतीत होता है अवैध कटान में वन विभाग के अधिकारियों की भी संलिप्तता है क्योंकि यदि परमिट से पेंड काटे गए होते तो जड़ों को क्यों खोदकर हटा दिया गया होता और साक्ष्य मिटा दिए गए हैं।इस बात की जानकारी जब लेखपाल प्रदीप से ली गई तो पता चला के 30 पेड़ का रमन्ना दिया गया था।अगर तीस पेड़ का रमन्ना दिया गया और 30 पेड़ का परमिट दिया गया तो आम के 55 पेड़ किसके इशारे पर काटे गए सागौन के पेड़ का 13 पेड़ का परमिट जारी किया गया तो फिर सागौन के पेड़ को प्रतिबंधित माना जाता है जिसके बाद में 13 पेड़ का परमिट की जगह 23 पेड़ काटे गए है, जिसके बाद में सबूत मिटाने के लिए दूसरे दिन ही जड़ उखड़वा दी गई इससे साफ प्रतीक होता है कि पेंड अवैध रूप से ही काटे गए हैं।इसके बाद में समाचार के माध्यम से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया तो उन्होंने बताया कि 5 से 6 पेड़ों का केस किया गया है अब सोंचने वाली बात यह है कि इतने का ही क्यों काटा गया जितने पेड़ अवैध काटे गए थे सब पेड़ों पर कैस काटा जाना चाहिए था।































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