रेलगाड़ी चलाने के लिए जरूरत पड़ी तो बहुत बड़ा आंदोलन करेगें:- आरती राय

लखीमपुर खीरी , 93

"शुक्रवार के इस धरने से आह्वान किया गया है कि शनिवार 18 तारीख को ज्यादा से ज्यादा लोग रेलवे स्टेशन पर 11:00 बजे पहुंचे और कल से से इस धरने  को दीपावली और छठ का त्यौहार को देखते हुए स्थगित किया जाएगा और छठपूजा के बाद पुनःअब क्रमिक अनशन में बैठने की तैयारी किया जाएगा"

विश्वकांत त्रिपाठी 

पलियाकलां‌ खीरी। रेल चलाओ पलिया क्षेत्र बचाओ संघर्ष समिति के 10 बजे सुबह  से सायं 5 बजे तक क्रमिक धरना के 12 दिन भी बड़े जोश खरोश‌ और उत्साह के साथ शुक्रवार को जारी रहा धरना ने अब जन आंदोलन का रूप धारण कर लिया है।
       इस धरने पर संघर्ष समिति के अध्यक्ष कमलेश राय ने विजय तिवारी भूतपूर्व प्रधान गांधीनगर, अजय तिवारी मुरार खेड़ा, सोनू चौधरी अशोकनगर ,गोपाल प्रसाद मौर्य रानी नगर, राजेंद्र सिंह अशोक नगर ,लल्लन गॉड गोविंद नगर ,धनपत गौड़ अशोक नगर , आदि को माला पहनाकर धरने पर बैठाये।
      धरना स्थल पर उपस्थित नगर के प्रतिष्ठित व्यापारी तथा समाज सेवी विनोद कुमार गुप्ता,सुरेंद्र कुमार यादव,रामदयाल वर्मा हेमराज चौहान, सुरेश चंद्र लोधी सहित क्षेत्र और‌ नगर के तमाम गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे मौजूद संगठनों और तथा क्रमिक धरना पर बैठे लोगों ने एक स्वर में नारे लगाते हुए कहा रेल चलाओ पलिया क्षेत्र बचाओ, हेरिटेज झांसा है रेल विभाग ने फंसा है।
     समाजसेवी विनोद गुप्ता ने कहा कि वर्ष 1990 से लेकर 2025 तक सिंचाई विभाग द्वारा बाढ़ राहत और बचाव कार्य के लिए खर्च कए गए धन की जांच विशेषज्ञ टीम‌ अथवा सीबीसीडीआई द्वारा कराए जाने की मांग की, और कहा कि वर्ष 2001 के बाद रेल विभाग ने भीरा पलिया के बीच रेल ट्रैक के रखरखाव‌ मे जो धन खर्च किया उनकी भी की जांच सीबीआई से कराई जाए और इस बीच सिंचाई तथा रेल विभाग के उच्च अधिकारियों की संपत्ति की जांच भी कराई जाए उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार के द्वारा बाढ़ राहत एवं बचाव कार्य के नाम पर जनता की गाढी कमाई का दुर्पयोग कर केंद्र तथा राज्य सरकार को लाखों का चूना लगाया जिसका फयदा ना जनता को मिला ना सरकार को और रेल तथा सिंचाई विभाग में बैठे अधिकारी मालामाल होगये।
     कामरेड आरती राय ने कहा मैलानी से नानपारा रेल बंद क्यों खीरी सांसद जवाब दो,पलिया विधायक जवाब दो,मैलानी से नानपारा रेल बंद क्यों योगी मोदी सरकार जवाब दोगे,अभी तो यह अंगड़ाई है आगे और लड़ाई है के नारे सभा स्थल से लगते रहे इस धरने को संबोधित करते हुए किसान नेता कमलेश राय ने कहा की गांव-गांव से,शहर से सभी व्यापारी, डॉक्टर्स, सभासद सहित तमाम संगठनों ने इस धरने को समर्थन किया लेकिन हमारी सरकार और रेल विभाग के लोगों के कान में जूं भी नहीं रेंग रहा हैं की जनता परेशान है इसकी बातों को सुना जाए और सदियों से चलती आ रही रेलगाड़ी को सुचारू रूप से चलाया जाए जनता को शौक नहीं है कि धरने पर बैठे लेकिन उनका एक मात्र आवागमन का साधन जो सदियों से चला आ रहा था जिससे तमाम व्यापारी गण यहां के छात्र-छात्राएं, आम जनता और किसान जिनके लिए सस्ता सुलभ साधन रेल था जिसे आज विकास के नारे लगाने वाली सरकार खत्म करने की साजिश कर रही है ,पर इस क्षेत्र की जनता चुप नहीं रहेगी ट्रेन को सुचारू रूप से चलाने के लिए जरूरत पड़ी तो बहुत बड़ा आंदोलन होगा जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन-प्रसाशन की होगी और सरकार से ट्रेन चलवा कर रहेगी क्योंकि चारों तरफ विकास के नारे लगाने वाली ये  सरकार जनता के इस साधन को भी खत्म करने की साजिश कर रही है तो जनता इसका हिसाब लेगी इस मौके पर सुरेश चंद्र वर्मा, रामगोपाल यादव, रामदयाल, रईस अली, अरुण झा, राम शंकर,सुरेंद्र यादव, रामेश्वरी गुप्ता, मिथिलेश देवी सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।
      "शुक्रवार के इस धरने से आह्वान किया गया है कि शनिवार 18 तारीख को ज्यादा से ज्यादा लोग रेलवे स्टेशन पर 11:00 बजे पहुंचे और कल से से इस धरने  को दीपावली और छठ का त्यौहार को देखते हुए स्थगित किया जाएगा और छठपूजा के बाद पुनःअब क्रमिक अनशन में बैठने की तैयारी किया जाएगा"।

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