रेल की लड़ाई किसी एक वर्ग की नहीं, रेल बंद होने के बाद से पूरे क्षेत्र की बाजारों में सन्नाटा
लखीमपुर खीरी Oct 16, 2025 at 06:17 PM , 151विश्वकांत त्रिपाठी
पलिया कलां लखीमपुर खीरी। रेल चलाओ पलिया क्षेत्र बचाओ संघर्ष समिति का क्रमिक धरना आज 11वें दिन भी जारी रहा आज के इस धरने को कामरेड कमलेश राय, ऐपवा की जिला अध्यक्ष आरती राय तथा किसान मजदूर खेत संगठन के नेतृत्व में गुरुवार को सुरेश कुमार कमलापुरी,रामसूरत, रवि प्रताप सिंह,शारदानन्द भारती, रामप्रवेश भार्गव, सुभाष भारती,ने क्रमिक धरना पर रहे।
गुरुवार को नगर व्यापार मंडल (मिश्रा गुट) ने भी रेल चलाओ, पलिया बचावो संघर्ष समिति का सहयोग करतें हुये नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष ने नगर टीम के साथ धरना पर बैठे लोगों का उत्साह वर्धन करते हुए अनूप मिश्रा ने कहा कि रेल की लड़ाई किसी एक वर्ग की नहीं है रेल बंद होने के बाद से पूरे क्षेत्र की बजारों पर खास प्रभाव पड़ा है ग्रामीण अंचलों के लोग बसों पर आश्रित हो गये है, बेलरायां,तिकोनिया, सिंगाही, सहित पलिया की बाजारों में सन्नाटा है, "रेल व्यापार के रीड की हड्डी है" सभी व्यापारी धरना प्रदर्शन को पूर्ण समर्थन दे रहे हैं यह आंदोलन अब जन आंदोलन बन गया है, शासन प्रशासन में बैठे लोग तथा जनप्रतिनिधि अभी भी इस आंदोलन को हल्के में ले रहे हैं 11 दिन बीतने के बाद भी शासन प्रशासन के कानों में इस आंदोलन का कोई प्रभाव नहीं पड़ा और ना ही जनपद निधि कुंभकर्णी नींद से जगे,
रेल नहीं चलेगी तब तक की धरना प्रदर्शन चलता रहेगा इस दौरान व्यापार मंडल अध्यक्ष अनूप मिश्रा,संदीप बंसल "डब्बू",अनिल जलालाबादी, आशीष अग्निहोत्री,संजय गुप्ता, सहित दर्जनों व्यापारी मौजूद रहे।
धरना पर बैठे लोगों को कामरेट कमलेश राय, पूर्व सभासद रईस अली, सुरेश चंद वर्मा, लल्लन प्रसाद गौड, विनोद गुप्ता,विश्वकांत त्रिपाठी ने माल्यार्पण कर धरना पर बैठाया।
इस दौरान चीनी मिल सभासद निर्भय नारायण सिंह,सौरभ कुमार शाक्य आदि मौजूद रहे,आरती राय ने कहा कि पलिया की जनता का दुर्भाग्य है कि ट्रिपल इंजन के सरकार होने और चारों तरफ विकास के नारे लगने के बाद आज क्षेत्र की जनता अंग्रेजी हुकूमत की चलाई हुई रेल को आबाद रखना के लिए धरना प्रदर्शन कर रही है और किसी भी जनप्रतिनिधि को फर्क नहीं पड़ रहा है सत्ता में बैठे सरकार के चंद्र पूंजी पतियों के लिए हाथी करीडोर बनाने के लिए रेल को खत्म करने की साज़िश के 1894 में बिछाई गई रेल लाइन को रेल कॉरिडोर घोषित कर क्षेत्र को बर्बाद करने की साजिश कर रही। दिखावे के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किया जा रहा है लोग रेलवे ट्रैक के नीचे हो रहे रिसाव व जल भराव के नाम पर रेल नहीं चलाई जा रही, रेलवे विभाग जनता को गुमराह कर रहा है।
मजदूर नेता रामकिशन ने कहा की नदियों की सफाई पंचवर्षीय योजना के तहत कराई जाती तो बाढ़ का रोग थम सकता था और हमारे क्षेत्र की आवागमन का साधन रेल पर कोई असर नहीं पड़ता, किसान मजदूर के साथ साथ रेल से व्यापार और छात्र-छात्राएं,और महिलाओं के लिए खुशहाली का सस्ता साधन होता।
धरने को लल्लन प्रसाद गौड डॉक्टर अंशुल शुक्ल, राजेश कुमार गुप्ता,गौरव गुप्ता, अमित महाजन, ज़फ़र अहमद टीटू सहित दर्जनों सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संबोधन किया






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