यदि जग में ऊंची नाक नहीं, तो नकटा नाम रखा लो तुम

लखीमपुर खीरी , 316

(सुनील शर्मा)

पलिया कलां‌ - खीरी। वनवास के समय ऋषियों के आश्रम पंचवटी में रहने के दौरान, रावण की बहन शूर्पणखा ने भगवान राम से विवाह का प्रस्ताव रखा, जिसे राम ने अस्वीकार कर दिया। इसके बाद, शूर्पणखा ने सीता पर हमला किया, जिसके कारण लक्ष्मण ने तलवार से उसके नाक और कान काट दिए।वनवास के दौरान भगवान श्रीराम, सीता और लक्ष्मण दंडकारण्य के पंचवटी में निवास करते थे।शूर्पणखा ने सबसे पहले राम से विवाह की इच्छा व्यक्त की, और उनके साथ विवाह करने की बात कही।जब राम ने उसे अपनी पत्नी सीता का हवाला देकर अस्वीकार कर दिया, तो शूर्पणखा क्रोधित होकर सीता पर आक्रमण करने के लिए झपटी।लक्ष्मण द्वारा शूर्पणखा का अंग-भंग:
राम के संकेत पर लक्ष्मण ने शूर्पणखा के नाक और कान काटकर शूर्पणखा को कुरूप कर दिया कठिन नाक और कान लेकर सुप्रभात रावण के पास गई उसने कहा की वैन में दो बनवासी आए हैं उन्होंने मेरा यह रूप कर दिया है मेरी नाक गई तो गई अब अपनी नाक बचाओ तुम यदि नाक नहीं है जग में तो नकटा नाम कहा हो तुम
इस घटना ने रावण को क्रोधित किया और राम-लक्ष्मण के विरुद्ध युद्ध का एक प्रमुख कारण बना।
इस दौरान रामलीला मैदान में सैकड़ो धर्मावलंबी महिला पुरुष मौजूद रहे। रायबरेली के कलाकारों ने पलिया  रामलीला मैदान में चल रही श्रीराम लीला का सजीव मंचन श्री काशी आदर्श रामलीला मंडल रायबरेली के कलाकारों द्वारा रामलीला मैदान में किया गया,ऐतिहासिक रामलीला मेला मे
जीवंत झांकियों मे प्रभु श्रीराम माता सीता की कल्पना मात्र ही भव सागर को पार करने वाली है।
      इस अवसर पर पंडित वेद प्रकाश मिश्र, जगत नारायण मिश्र,
रामलीला कमेटी अध्यक्ष तेजपाल सिंह "बिल्लू" मंत्री प्रेम प्रकाश पाडेंय, राजेश भारतीय, विजय महिंद्रा, रामलीला कमेटी के वरिष्ठ सदस्य राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, रमेश गुप्त, निरंकार प्रसाद बरनवाल, कृष्ण कुमार गोपी,राकेश गुप्ता,सक्षम शुक्ला,चंदन शुक्ला,विशाल अवस्थी, चन्द्रशेखर बाबू,जगत नारायण मिश्रा, ठाकुर महेंद्र सिंह, सुमित राठौर, परमेश्वर गुप्ता, गोरखनाथ पीटीआई, पत्रकार नवीन अग्रवाल, विश्वकांत त्रिपाठी,मनोज मिश्र, सहित नगर के दर्जनों गणमान्य नागरिक,स्काउट टीम दल, स्वयं सेवक, तथा मातृशक्ति मौजूद रही।

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