योगी के गौ रक्षा संकल्प पर नगर पंचायत खीरी का ग्रहण

लखीमपुर खीरी , 160

लंबे बजट के बाद भी खाली गौशाला, सड़क पर हादसों का सबब बने आवारा पशु

खीरी टाउनखीरी-नगर पंचायत खीरी द्वारा बनाई गई अस्थायी गौशाला लापरवाही का शिकार होकर पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। लंबे बजट की धनराशि खर्च होने के बावजूद गौशाला खाली पड़ी है और एक भी गौवंश यहां मौजूद नहीं है। नतीजा यह है कि कस्बे की सड़कों और मोहल्लों में आवारा पशु बेखौफ घूम रहे हैं और आए दिन हादसों का कारण बन रहे हैं।
तीन दिन पूर्व कस्बे से जुड़े गांव मोहम्मदपुर कैहमारा में एक आवारा पशु की चपेट में आकर आधा दर्जन लोग घायल हो गए थे, जिनमें से एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके बावजूद नगर पंचायत खीरी के ईओ साहब अब तक नींद से जागे नहीं हैं।
सुबह के मुखिया योगी आदित्यनाथ एक तरफ गौ रक्षा का संकल्प ले रहे हैं, तो वहीं उनके इस संकल्प पर नगर पंचायत खीरी की लापरवाही ग्रहण लगा रही है।
सरकार एक तरफ गौ रक्षा के लिए बड़े-बड़े बजट जारी कर रही है, वहीं नगर पंचायत खीरी के ईओ की उपेक्षा सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रही है। आखिर गौ रक्षा के नाम पर आने वाला पैसा कहां जा रहा है? जब गौशाला वीरान पड़ी है और सड़कें हादसों से भर रही हैं।
कस्बे से कुछ दूरी पर सराय सकुनत क्षेत्र में बनी यह अस्थायी गौशाला अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। मुख्यमंत्री के आदेशों को दरकिनार कर नगर पंचायत खीरी के ईओ की यह बेरुखी अब जनता के गुस्से को और बढ़ा रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या नगर पंचायत गौ रक्षा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रही है?

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