आपसी सुलह सदभाव से ही विकास संभव, ज़िला जज सैयद माउज़ बिन आशिम

लखीमपुर खीरी , 263

66 दंपत्ति साथ-साथ विदा,मोटर एक्सीडेंट के 155 मामले  निबटाए,आठ करोड़ से अधिक का मुआवजा दिलाया 
 
लखीमपुर खीरी जिला जज सैयद माउज़ बिन आशिम ने राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन करते  शांतिपूर्ण परिवेश पर बल दिया,कहा आपसी सुलह व सदभाव से ही विकास संभव है,  इस आयोजन में विभिन्न अदालतों ने 77389 मामले सुलह समझौता और जुर्म इकबाल के आधार पर निस्तारित किया, विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव वीरेन्द्र नाथ ने बताया कि जिला जज सैयद माउज़ बिन आशिम ने सात, एडीजे शैलोज़ चन्द्रा ने सात, एडीजे अशोक दुबे ने एक, राजेश्वरी टोलिया ने तीन, एडीजे मनोज सिंह ने 348 एडीजे देवेंद्र नाथ सिंह ने दो, अभिषेक श्रीवास्तव ने सात, एडीजे गुलाम मुस्तफा ने चार, एडीजे पूनम सिंह ने पांच एडीजे नूरी अंसार ने बीस, एडीजे विष्णु देव सिंह ने एक , एडीजे एफटीसी पूनम सिंह ने पांच एडीजे भूलेराम ने दो मुकदमे निस्तारित किए, तो सीजेएम प्रमोद सिंह यादव ने सर्वाधिक 3550, एसीजेएम रेनू यादव ने 1113, एसीजेएम प्रदीप सिंह कुशवाहा ने 1156, एसीजेएम किरण मिश्र ने 1063 मुकदमे निस्तारित किए 

जिला जज मोटर वाहन कपिला राघव ने एक्सीडेंट के बाद परिवार की स्थितियों को ध्यान में रखते हुए बीमा कंपनियों और रोडवेज के अधिकारियों को अधिकाधिक मामले सुलह समझौता से निबटाने के लिए निर्देशित किया जिसके चलते इस बार सर्वाधिक 110 मामले में पीड़ित परिवार वालों को छह करोड़ 87 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया है तथा वसूली के 45 मामलों में एक करोड़ 43 लाख रुपए की धनराशि प्रदत्त की है।परिवार न्यायालय में 180 मामलों को सुलह समझौते से निस्तारित किया जिसमे एडीजे राहुल आनंद ने 104 मुकदमे और प्रधान न्यायाधीश भगवान दयाल भारती ने 76 मुकदमे निस्तारित किए, इस दौरान 66 दंपत्ति साथ साथ मिलकर परिवार चलाने के लिए कचहरी से विदा हुए

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