सदानंद तत्त्वज्ञान परिषद का विश्व कल्याण हेतु जंतर मंतर पर किया धरना

लखीमपुर खीरी , 1021

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) में विद्या तत्त्वम पद्धति को शामिल करने हेतु दूसरी बार धरना

(के0के0 शुक्ला)

लखीमपुर खीरी/नई दिल्ली।  सदानन्द तत्वज्ञान परिषद ने अधिवक्ता देबाशीष होता द्वारा दायर एक मामले पर उड़ीसा उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार विश्व कल्याण हेतु राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) में विद्या तत्त्वम पद्धति को शामिल करने हेतु बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर दूसरी बार धरना आयोजित किया जिसमें पूरे भारत से सैकड़ों भक्त सेवक शामिल हुए।

 उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सिद्धौर तहसील स्थित सदानन्द तत्वज्ञान परिषद के महात्मा कमल, महात्मा दिलेश्वरानंद, महात्मा आबिद आलम खान, महात्मा शिवानंद ने वर्तमान शिक्षा प्रणाली पर आयोजित एक संगोष्ठी में विश्व कल्याण हेतु विद्या तत्त्वम पद्धति के अनुसार शिक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला और इस बात पर दुख व्यक्त किया कि 2015 में दिल्ली में परिषद द्वारा आयोजित 3 महीने के धरने के बावजूद सरकार ने नई शिक्षा नीति में विद्या तत्त्वम पद्धति को लागू नहीं किया है।
इसलिए अधिवक्ता देवाशीष होता ने 21 अगस्त 2023 को  उच्च न्यायालय में एक मामला दायर किया था।  
जिसमें होता ने तर्क दिया कि एनसीटीई ने आज तक बच्चों के नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों के विकास के लिए कोई पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रक्रिया स्थापित नहीं की है । इसलिए बच्चों के नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों का विकास नहीं हो सका। इसलिए जब बच्चा बालिग हो जाता है, तो उनमें से अधिकांश झूठे, हिंसक, उत्तेजित, असहयोगी, बेईमान, अनादर करने वाले, असंयमी और निर्दयी होते हैं । और उपर्युक्त मूल्यहीन व्यवहार के कारण, मानव समाज का अस्तित्व खतरे में पड़ जाता है।

मामले की सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने 12 सितंबर 2023 को  एड0 होता को केंद्र सरकार के समक्ष एक उचित आवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया और साथ ही केंद्र सरकार को एड0 होता के उपर्युक्त आवेदन पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विद्या तत्त्वम पद्धति को शामिल करने के संबंध में विधिसम्मत निर्णय लेने का भी निर्देश दिया।
 इसके बावजूद लंबे समय तक जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो एड0 होता ने 22 मार्च 2025 को प्रधान मंत्री कार्यालय को इसकी सूचना दी। प्रधान मंत्री कार्यालय ने 9 अप्रैल को राष्ट्रीय शिक्षा मंत्री कार्यालय को निर्देश दिया।
  पहली बार वे 21 मई को जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे और फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष जी को ज्ञापन सौंपा।

लेकिन, विद्यातत्त्वम् पद्धति को अभी तक NEP में शामिल नहीं किया गया है। इस बीच, NCERT के अध्यक्ष को सदानन्द तत्त्वज्ञान परिषद् के तरफ से 23 जुलाई 2025 को विद्यातत्त्वम् पद्धति से संबंधित सभी दस्तावेज सौंप दिए गए  और 13 अगस्त को संस्था के तरफ से हजारों भक्त सेवक लोगों ने जंतर मंतर में शांति पूर्ण प्रदर्शन करते हुए आंदोलन को जारी रखा। 
उक्त प्रदर्शन के बीच महात्मा शिवानन्द ने कहा मानव जीवन धरती में सबसे खुशहाल जीवन होना रहना चाहिए परन्तु ज्ञान के अभाव में मानव जीवन को पशु से भी बदतर जीवन बना कर विषय भोग में लगा दिया गया जिसके कारण से समाज में स्वार्थ और पतन चरम पर है । समाज में हत्या, हिंसा, चोरी, बेइमानी, लूट, खसोट, भ्रष्टाचार, बलात्कार, भेदभाव, सांप्रदायिकता आदि व्याप्त हो गया। अब अगर समाज को दोष दुर्गुण रहित परमार्थी बनाना है तो समाज में विद्या तत्त्वम पद्धति को लागू करना ही होगा। धरना प्रदर्शन के पश्चात प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष को संस्था के तरफ से ज्ञापन सौंपा गया है।

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