पीड़ित पत्रकारों ने लगाई सीएम से न्याय के गुहार
लखीमपुर खीरी Aug 13, 2025 at 06:12 PM , 154अस्पताल में ड्यूटी पर सो रहे डॉक्टर और पैरा स्टाफ का वीडियो बनाने से बौखलाए अस्पताल कर्मियों ने मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट कर दिया और फर्जी आरोप लगाकर चौकी प्रभारी से सांठगांठ कर किया खेल लिखवाया गया फर्जी मुकदमा
लखीमपुर खीरी । मामला जिला चिकित्सालय मोतीपुर का है जहां डॉक्टर और पैरा स्टाफ द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार और वसूली तथा लापरवाही का चल रहे खेल की चर्चा आम बनी हुई है। यह अस्पताल हमेशा अपनी काली करतूतों के लिए चर्चा में बना हुआ है। मामला चाहे वह बाहर से भारी कमीशन वाली दवाई मरीजों को लिखे जाने का हो या फिर चिकित्सा अधीक्षक द्वारा ड्यूटी के दौरान अपने साथियों के साथ अधीक्षक के कमरे में शराब और मीठ का आनंद लिया जाना हो या फिर अपने द्वारा अपने चहेते डॉक्टरों द्वारा रखे गए प्राइवेट लड़कों से ऑपरेशन के नाम पर 4000 से 6000 रुपए की वसूली किए जाने का मामला हो। यह अस्पताल अक्सर अखबारी सुर्खियों में रहने वाला जिला अस्पताल है। इतना ही नहीं जिला अस्पताल में जब से आर के कोली साहब सीएमएस हुए हैं तब से अस्पताल भ्रष्टाचार और दलालों का अड्डा बनकर रह गया है। यह मेरा नहीं बल्कि ओयल अस्पताल से आने वाले दर्जनों लोगों का आरोप है। सूत्र द्वारा इसी तरह की मिली जानकारी तो स्वतंत्र प्रभात संवाददाता शमशेर अपने एक पत्रकार साथी जो पवन वेग समाचार पत्र और पीवी 24 न्यूज़ चैनल के सह संपादक विशाल भारद्वाज है जिनके साथ खबर कवरेज करने दिनांक 11 8.2025 को जिला अस्पताल गए और तीसरी मंजिल के वार्ड के डॉक्टर और पैरा स्टाफ सोते दिखाई पड़े तो पत्रकारों ने इसे अपने कमरे में कैद कर लिया। अपनी गर्दन फसाते देख उक्त डॉक्टर और पैरा स्टाफ ने अपने पूरे स्टाफ के साथ दोनों पत्रकारों को बंधक बना लिया और दोनों के मोबाइल छीन लिए। सभी फोटो वीडियो डिलीट कर दिए और आमादा फौजदारी हो गये। अपने को घिरता देख संवाददाता ने अपने साथियों को बताया तो मौके पर पहुंचे नित्यानंद बाजपेई और मनोज मिश्रा ने मामले की जानकारी ली और मोबाइल वापस दिलाया मामले की गंभीरता और मीडिया में अपने को घिरता देख अस्पताल के तत्कालीन अधीक्षक जो गत दस वर्षों से लगभग जिला अस्पताल में जमे हैं। जिनके द्वारा पुलिस को मैनेज करके दारू पीकर हंगामा और महिला स्टाफ से छेड़छाड़ के आरोप लगाते हुए चालान भिजवा दिया। पत्रकार अपना आईडी कार्ड और अथॉरिटी लेटर दिखाते रहे। और मामले में सीसीटीवी फुटेज की जांच करने की मांग करते रहे। लेकिन पुलिस अस्पताल कर्मियों की ताल पर थिरकती हुए। बिना जांच किए ही चारों पत्रकारों का चालान भेजने में मशगूल रही। पत्रकारों ने मामले की लिखित शिकायत डीएम खीरी मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सहित मंडलाआयुक्त लखनऊ मंडल लखनऊ तथा भारतीय प्रेस परिषद नई दिल्ली को भेज कर मामले की उच्च स्तरीय जांच टीम गठित कर निष्पक्ष जांच कराए जाने तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।






_page-0001.jpg)
























Comments