*पलायन को मजबूर बुजुर्ग: नगर पालिका की अनदेखी से परेशान रामनाथ दीक्षित ने उठाया बड़ा कदम!*

लखीमपुर खीरी , 253

लखीमपुर-खीरी: नगर पालिका लखीमपुर की लापरवाही और वर्षों से चली आ रही जलभराव व गंदगी की समस्या ने आखिरकार पटेल नगर, वार्ड नं. 9, बरखेरवा निवासी 76 वर्षीय रामनाथ दीक्षित को पलायन का संकल्प लेने पर मजबूर कर दिया है। रामनाथ दीक्षित का कहना है कि नगर पालिका द्वारा बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं की गई, जिससे आज उनका पूरा परिवार मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा है।

अपने बयान में रामनाथ दीक्षित ने कलेक्टर और नगर पालिका अध्यक्ष से अपील करते हुए कहा है कि अगर अगले 7 दिनों के भीतर इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे परिवार सहित घर छोड़ने को विवश होंगे।

*समस्याओं का अंबार: जलभराव, गंदगी और बंद निकासी व्यवस्था*

रामनाथ दीक्षित ने बताया कि उनके मोहल्ले की नालियों की मरम्मत वर्षों से नहीं हुई है, जिससे बारिश के दिनों में जलभराव आम बात हो गई है। क्रास पत्थर और इंटरलॉकिंग रोड का स्तर नीचे होने के कारण पानी का निकास संभव नहीं हो पाता।
*वे बताते हैं*
नालियों का ढाल पूरी तरह क्षतिग्रस्त है।

क्रास पत्थर जर्जर अवस्था में हैं।

इंटरलॉकिंग रोड लगभग 30 मीटर लंबी है, जो नीची होने के कारण हर बारिश में जलमग्न हो जाती है।

जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे गंदा पानी और कचरा लगातार जमा हो रहा है।

बीमारियों का खतरा, बच्चों और बुजुर्गों की हालत खराब
स्थानीय निवासियों के अनुसार, लंबे समय से फैली गंदगी और जलभराव के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

*स्थानीय प्रशासन बना है मूकदर्शक*
बावजूद इसके कि यह समस्या वर्षों पुरानी है और कई बार नगर पालिका को सूचित किया गया, अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। रामनाथ दीक्षित का कहना है कि अब उनका सब्र जवाब दे चुका है और यदि सात दिनों के भीतर प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो वे परिवार सहित क्षेत्र से पलायन कर जाएंगे।

*प्रशासन से सवाल*
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या नगर पालिका और जिला प्रशासन इस गहरी समस्या पर जागरूकता दिखाता है या एक बुजुर्ग की पुकार एक बार फिर अनसुनी रह जाएगी?

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