कर्ज को नया पुराना करने के नाम पर समितियों में होता है किसानों का शोषण
लखीमपुर खीरी Jul 22, 2025 at 07:20 PM , 142हरिशंकर मिश्र/के0के0 शुक्ला
लखीमपुर खीरी। सहकारिता विभाग ब्लॉक फूलबेहड़ के मौजमाबाद किसान सेवा सहकारी समिति सुंदरवल में इस समय बकायादार किसानों का जमकर शोषण एवं उत्पीड़न किए जाने के समाचार हैं। जानकारी के अनुसार ब्लॉक फूलबेहड़ के सिक टिहा कुसुमौरी निवासी किसान सोहनलाल पुत्र परागदत्त ने सहायक निबंधक सहकारिता लखीमपुर खीरी को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया है कि उसने मौजमाबाद समिति में कर्जा लिया था जिसकी भरपाई करने के लिए उसे सुंदरवल समिति पर बुलाया और कहा कि हम आपके कर्ज को नया पुराना कर देंगे।
जब वह किसान सहकारी समिति सुंदरवल गया तब सचिव परमानंद तिवारी ने अनुज त्रिवेदी जो एडीसीओ जसवंत सिंह का बहुत खास बताया जाता है तब उससे कर्जे को पुराना से नया करने के नाम पर 7500 रुपए ज्यादा लिए तब पीड़ित ने कहा कि आपने ज्यादा पैसे लिए हमें कोई रसीद भी नहीं दिए ना ही आपने किताब पर ही चढ़ाया तब अनुज कुमार त्रिवेदी ने कहा कि आप जैसे किसान रोज यहां धक्का खाकर के जाते हैं पीड़ित किसान ने एआर सहकारिता को को प्रार्थना पत्र देकर भ्रष्ट सचिव परमानंद तिवारी एवं कंप्यूटर ऑपरेटर अनुज कुमार त्रिवेदी पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है परंतु जैसा कि चर्चाएं आम हैं कि सहकारिता विभाग की जांच हमेशा अपने कर्मचारियों को बचाने व किसानों का शोषण करवाने में मस्त रहते हैं। यह सहकारी समितियो में चल रही कार्यशैली की बानगी भर है इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रत्येक समिति में किसानों का तरह-तरह से शोषण कर उनसे लाखों की वसूली की जा रही है जिसका बंदरबांट हो जाता है। ज्ञात हो कि इस अनुज कुमार त्रिवेदी ने अवैध तरीके से पुरानी बिल्डिंग में कई वर्षों से भूसा भर रहा था और भूसा जब महंगा होता था तब बेंचता था। नाना प्रकार से की गई कमाई में अपने अफसरों का भी शायद हिस्सा है इसीलिए अनुज कुमार त्रिवेदी तथा परमानंद तिवारी सचिव पर कोई कार्यवाही नहीं होती है।
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सीडीओ ने किया ब्लॉक नकहा का औचक निरीक्षण, अनुपस्थित मिले कार्मिक, कार्यवाही के दिए निर्देश
*ग्राम पंचायत स्तर पर खुली व्यवस्थाओं की पोल, कई स्तरों पर मिली लापरवाही*
(फोटो 01)
लखीमपुर खीरी, 22 जुलाई। सीडीओ अभिषेक कुमार ने मंगलवार को ब्लॉक नकहा एवं ग्राम बड़ागांव का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ब्लॉक स्तर पर कार्मिकों की अनुपस्थिति, निर्माण कार्यों की धीमी गति एवं स्वास्थ्य सेवाओं की अनियमितता पाई गई। उक्त लापरवाहियों को गम्भीरता से लेते हुए सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही हेतु निर्देशित किया।
सीडीओ ने मंगलवार को ब्लॉक नकहा का औचक निरीक्षण किया। सुबह 10:15 बजे पहुंचते ही सीडीओ ने उपस्थिति रजिस्टर की जांच की, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। 14 नियमित कार्मिकों में से सिर्फ 5 और 12 संविदा कर्मियों में से मात्र 4 कर्मचारी ही उपस्थित मिले। निरीक्षण में एडीओ पंचायत, एडीओ समाज कल्याण और एडीओ आईएसबी तक अनुपस्थित मिले। इस पर सीडीओ ने नियमित कर्मियों का एक दिन का वेतन काटने और संविदा कर्मियों का मानदेय रोकने के निर्देश दिए।
*एनआरएलएम की प्रगति पर जताई नाराजगी*
सीडीओ ने ब्लॉक परिसर के सभी पटलों का गहन निरीक्षण किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की प्रगति अत्यंत कमजोर पाई गई। आरएफ, सीसीएल और सीआईएफ से संबंधित समूहों की संख्या और लाभ वितरण की स्पष्ट जानकारी तक मौजूद नहीं थी। इस पर नाराजगी जताते हुए सीडीओ ने तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
*निर्माण कार्य में सुस्ती पर फटकार*
ब्लॉक परिसर में निर्माणाधीन बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय का भी निरीक्षण किया गया। निर्माण की धीमी गति पर सीडीओ ने कड़ी नाराजगी जताई। जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्माण एजेंसी से समन्वय कर शीघ्र गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूर्ण कराने को कहा गया।
*बड़ागांव में बंद मिले स्वास्थ्य केंद्र*
निरीक्षण के दूसरे चरण में सीडीओ ग्राम पंचायत बड़ागांव पहुंचे। यहां आयुष्मान आरोग्य मंदिर व उप स्वास्थ्य केंद्र बंद मिले। ग्रामीणों ने बताया कि यह केंद्र करीब दो से ढाई महीने से बंद हैं। परिसर में झाड़-झंकार फैले मिले। इस पर सीडीओ ने सीएमओ को तैनात कार्मिकों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सभी एमओआईसी को स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित कराने हेतु क्षेत्र में भ्रमणशील रहने को कहा।
*मनरेगा कार्यों में भी मिली अनियमितता, जांच के आदेश*
गांव में मनरेगा के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों का भी निरीक्षण किया गया। मजदूरों की उपस्थिति दर्ज नहीं थी और गत दिवस के सापेक्ष उपस्थिति बेहद कम मिली। संदेह के आधार पर सीडीओ ने बीडीओ को तीन दिन में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
*ग्राम सचिवालय की सेवाओं में लापरवाही पर वेतन व मानदेय बाधित*
ग्राम सचिवालय में दी जा रही सेवाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। शिकायत पंजिका और परिवार रजिस्टर अद्यतन नहीं मिले। इस पर सीडीओ ने ग्राम पंचायत सचिव का वेतन और पंचायत सहायक का मानदेय रोकने के आदेश दिए। सीडीओ अभिषेक कुमार ने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जवाबदेही तय की जाएगी और लापरवाह कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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सनातन धर्म सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन
लखीमपुर खीरी। रोटरी क्लब लखीमपुर खीरी ने आरोग्यम डायग्नोस्टिक सेंटर के सहयोग से सनातन धर्म सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज में एक निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया। जिसमें चिकित्सक द्वारा चयनित की गई बालिकाओं एवम् विद्यालय की शिक्षिकाओं का हीमोग्लोबिन परीक्षण किया गया । इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य हीमोग्लोबिन की कमी से भविष्य में होने वाली समस्याओं के प्रति लोगों को जागरूक करना है ताकि वे समय से इसका निराकरण कर सकें।
परीक्षण शिविर के दौरान संस्था के पदाधिकारियों द्वारा एक कार्यशाला का आयोजन भी किया जिसमें एनीमिया रोग के बारे में विस्तार से बताया गया और साथ ही यह भी बताया गया कि हम किस प्रकार अपने खान पान सुधार करके रक्त के स्तर को बढ़ा सकते हैं।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में रो. डॉ कुमार शरद सिन्हा एवम् कॉलेज की प्राचार्या श्रीमती शिप्रा बाजपेई जी का विशेष सहयोग रहा। अंत में संस्था की सचिव रो. अरुणा अग्रवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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विद्यालयों की जमीन कब्जा प्रधानों का?
लखीमपुर खीरी।सूत्रों के मुताबिक ब्लॉक फूलबेहड़ के बेसिक शिक्षा विभाग के बड़े अफसर खंड शिक्षा अधिकारी को यह पता नहीं है किन किन विद्यालयों में खेती करने की जमीन है। पता चला है कि ब्लॉक के कुछ विद्यालयों में खेती योग्य जमीन है परंतु विद्यालय की इस खेती पर अवैध कब्जा ग्राम प्रधानों का बताया जाता है। बताते हैं कि कुछ ग्राम प्रधान या तो अपने प्रधान अध्यापक को खेती का पैसा देते हैं या की खंड शिक्षा अधिकारी को खेती करने की योजना में मनमाना पैसा देते हैं और मजे से प्रधान भू माफिया बने विद्यालय की जमीन अवैध तरीके से खेती करके लाभ कमा रहे हैं। जानकारी के अनुसार ब्लॉक फूलबेहड़ के 50% विद्यालयों के पास कृषि कार्य करने हेतु जमीन है परंतु विद्यालय के प्रधान अध्यापक एवं प्रधान का गठजोड़ चल रहा है। इस खेती से ग्राम प्रधान तथा प्रधानाध्यापक मालामाल हो करके रबड़ी खा रहे हैं। खंड शिक्षा अधिकारी विद्यालयों की जमीन की स्थिति शायद किसी को बताना ही नहीं चाहते हैं। उनके अनुसार उन्हें यह पता नहीं है कि विद्यालय की खेती पर किसका कब्जा है। लोग बताते हैं कि खंड शिक्षा अधिकारी विद्यालयों का दौरा नहीं करते हैं बीआरसी में बैठकर महज खाना पूर्ति करते हैं तथा अपने अधीनस्थों की सलाह पर कार्य करते हैं।
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विज्ञान की दृष्टि मे मन की तरंगें और वेद मंत्रों का संबंध _ गुरु सत्यानंद
लखीमपुर खीरी। मनुष्य का मन एक अत्यंत सूक्ष्म और शक्तिशाली ऊर्जा केंद्र है, जो निरंतर तरंगें उत्पन्न करता है। ये तरंगें विचारों, भावनाओं, संकल्पों और अनुभूतियों के रूप में प्रकट होती हैं। सनातन विद्यापीठ के संस्थापक गुरु सत्यानंद ने बताया कि प्राचीन वेदों में इन मानसिक तरंगों को ब्रह्मचेतना से जोड़ने के लिए मंत्रों की विशेष भूमिका बताई गई है।
1. मन की तरंगों का स्वरूप:
मन की तरंगें विचारों के रूप में हमारे मस्तिष्क से निरंतर निकलती रहती हैं। ये तरंगें विद्युत-चुंबकीय और सूक्ष्म आध्यात्मिक दोनों स्वरूपों में होती हैं। जब मन शांत होता है, तब तरंगें सुव्यवस्थित होती हैं, और जब चंचल होता है, तब वे विक्षिप्त हो जाती हैं।
2. वेद मंत्रों की तरंगीय शक्ति:
वेद मंत्र केवल ध्वनि नहीं, चेतना के स्रोत हैं। प्रत्येक ऋचा, ऋषि द्वारा प्राप्त एक दिव्य तरंग होती है, जिसे “श्रुति” कहते हैं। इन मंत्रों का उच्चारण करने पर हमारे मन की तरंगें ब्रह्मांडीय तरंगों से सामंजस्य बिठाने लगती हैं। उदाहरणतः –
“ॐ भूर्भुवः स्वः...” से मन की तरंगें तीनों लोकों की चेतना से जुड़ जाती हैं।
“शं नो मित्रः शं वरुणः...” जैसी ऋचाएं मन को स्थिर, शांत और व्यापक बनाती हैँ।
3. तरंगों का नियंत्रण:
मन की तरंगों को योग, ध्यान और मंत्रों के द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है। विशेषकर प्रत्याहार, धारणा और ध्यान के माध्यम से तरंगों को एकाग्र और शुद्ध किया जाता है।
जब कोई साधक वेदमंत्रों को श्रद्धा और एकाग्रता से जपता है, तब उसके भीतर की तरंगें ब्रह्म-सम्मत हो जाती हैं। इससे उसका मन स्थिर, शांत और दिव्य भावों से भर जाता है।
4. आध्यात्मिक उद्दीपन:
वेद मंत्रों से उत्पन्न कंपन हमारे सूक्ष्म शरीर के नाड़ी तंत्र, चक्र और प्राणशक्ति को जाग्रत करते हैं। जैसे-जैसे ये मंत्र मन में गूंजते हैं, वैसे-वैसे चेतना की तरंगें उच्चतम स्तर पर पहुँचती हैं। यही अवस्था अंततः समाधि या ब्रह्मसाक्षात्कार की ओर ले जाती है।
अतः मन की तरंगें ही हमारे कर्म, व्यवहार और चेतना का आधार हैं। वेद मंत्रों के माध्यम से इन तरंगों को शुद्ध, सुसंगत और दिव्य बनाया जा सकता है। यह केवल आध्यात्मिक साधना ही नहीं, बल्कि जीवन को सच्चे अर्थों में शांत, समृद्ध और ब्रह्ममय बनाने की प्रक्रिया है।
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एसपी कि मानवीय पहल घायल व्यक्ति को तत्काल अपनी गाड़ी से भेजा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
(फोटो 02)
लखीमपुर खीरी।थाना खमरिया क्षेत्र के अंतर्गत प्राप्त जानकारी के अनुसार बबलू कुमार पुत्र बाबूराम निवासी चंदी भानपुर थाना तंबौर जो किसी काम से कहीं गया हुआ था जिसका एक्सीडेंट रेहुआ से सिसैया के बीच में हो गया था जो रोड पर पड़ा हुआ था इतने में पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा जो उधर से धौरहरा जा रहे थे उन्होंने घटना स्थल पर अपने एस्कॉर्ट गाड़ी रोकी और मानवता दिखाते हुए तत्काल खमरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर घायल व्यक्ति को भेजा।







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