नदी में समाये किसानों का खेत, भाकियू ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन

लखीमपुर खीरी , 170

लखीमपुर खीरी। मझरा पूरब गांव के किसानों की मुसीबतें उस समय और बढ़ गईं जब सुहेली और सोती नदियों ने अपना पारंपरिक रास्ता छोड़ उपजाऊ खेतों की ओर बहाव शुरू कर दिया। नदियों के इस धारा-भटकाव ने सैकड़ों बीघा कृषि भूमि को पानी में डूब गया है, जिससे किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सिंचाई विभाग ने वास्तविक स्थिति की अनदेखी कर खेतों को नदी क्षेत्र घोषित कर जबरन खुदाई कर दी, जिससे नदियों ने अपनी पुरानी अभिलेखीय धारा को छोड़कर खेतों की ओर बहना शुरू कर दिया।
भारतीय किसान यूनियन (अमन संधू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमनदीप सिंह संधू के नेतृत्व में दर्जनों किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपर जिलाधिकारी अनिल रस्तोगी को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने रखी ये मांगे नदियों को तत्काल उनकी पुरानी धारा में वापस लाया जाए।
प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
कृषि भूमि की सुरक्षा के लिए नदी किनारे ठोकरों का निर्माण कराया जाए। भविष्य में ग्रामवासियों की सहमति के बिना कोई कार्य न किया जाए। इस पूरे प्रकरण में दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

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