अंक पत्रों की सत्यता की जांच नहीं करा रहा शिक्षा विभाग
लखीमपुर खीरी May 06, 2025 at 06:58 PM , 113हरिशंकर मिश्र/के0के0 शुक्ला
लखीमपुर खीरी। अपने को पाक साफ बताने वाला बेसिक शिक्षा विभाग इतना भ्रष्ट हो चुका है कि फर्जी अंकपत्रो के आधार पर नौकरी पाने वाले व्यक्ति की आज तक जांच नहीं कर पाया है यह विभाग किस तरीके से कक्षा एक से आठ तक पढ़ने वालों को केवल भविष्य पर बात करने के सिवाय तथा एमडीएम में घोटाला करने के सिवाय इनके पास और कोई काम नहीं है। फर्जी छात्रों की हाजिरी लगाने में भी शिक्षक कभी चुके नहीं है जैसा की जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल तथा सीडीओ की जांच में देखने को मिला है। इसी तरीके से ब्लॉक फूलबेहड़ के समविलियन विद्यालय श्रीनगर में अनुचर के पद पर कार्यरत संतोष कुमार मिश्रा के अंक पत्रों की जांच के लिए कई बार क्षेत्रीय ग्रामीणों ने प्रार्थना पत्र दिया लेकिन आज तक जांच नहीं की गई जैसा लोग बताते हैं कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय श्रीनगर में अनुचर के पद पर संतोष कुमार मिश्रा की तैनाती है इनके अंक पत्र फर्जी हैं या तो किसी दूसरे के अंकपत्र पर नौकरी करके लाभ ले रहे हैं। बताया जा रहा है कि बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर जानते हुए भी इनके विरुद्ध जांच करने का साहस नहीं करते हैं तथा मनमाना सुविधा शुल्क लेकर इनका वेतन निकाला जा रहा है प्रार्थना पत्र देने वाला व्यक्ति थक हार कर बेसिक शिक्षा विभाग से हार मानकर बैठ जाता है। मालूम हो कि इससे पहले 2017 में तीन फर्जी शिक्षकों की शिकायत एक जागरूक नागरिक द्वारा की गई थी वह 3 वर्ष में बेसिक शिक्षा विभाग उनके अंक पत्रों का जांच कर पाया था पहले मार्कशीट फर्जी पाई गई थी बाद में भ्रष्ट सिस्टम ने इनकी मार्कशीट सही ठहराया था फिर जिलाधिकारी के निर्देश पर तत्कालीन बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने जांच कराई थी तब जांच में फर्जी पाई गई थी लेकिन अभी तक उपरोक्त फर्जी शिक्षकों से वेतन की रिकवरी बेसिक शिक्षा विभाग नहीं कर पाया है ना ही करने में कोई रुचि रखता है। विभाग के भ्रष्ट कार्मिक श्रीनगर पूर्व माध्यमिक विद्यालय के अनुचर को बचाने का कार्य कर रहे हैं इस संबंध में इस संवाददाता ने अनुचर संतोष कुमार से अंक पत्रों के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि पहले आप बीएसए कार्यालय में देखिए वरिष्ठ लिपिक के स्थान पर एक हमारा साथी अनुचर लिपिक का कार्य कर रहा है जब जिले का बेसिक शिक्षा विभाग नहीं सुधर रहा है तो हम लोगों को अंक पत्रों की जांच कौन कराएगा हम लोगों को जब कोई काम होता है तो बीआरसी से लगाकर बीएसए तक पैसा देकर के काम कर लेते हैं हम लोग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं मेरे पीछे कुछ लोग पड़े रहते हैं तब मैंने कहा कि जब आपके अंक पत्र सही है तो डरते क्यों हैं जांच कराने से? इतना ही नहीं जांच के नाम पर प्रार्थना पत्र देने वालों को गुमराह किया जा रहा है तथा फर्जी अंक पत्र पर नौकरी करने वाले अनुसार संतोष कुमार मिश्रा की सेवाओं से खुश होकर के इनके अंकपत्र की जांच नहीं कर रहे जबकि अभी हाल में एक मामले में मा० उच्च न्यायालय ने बीएसए प्रवीण तिवारी को पुलिस के माध्यम से उपस्थित होने के लिए वारंट जारी किया था।






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