आप गरीब हैं तो सरकारी अस्पताल आपके लिए नहीं ?

लखीमपुर खीरी , 214

लखीमपुर खीरी। वैसे तो सरकार ने कहने को एक रुपये की फीस पर अस्पताल में भर्ती, मुफ्त दवाएं व मामूली फीस पर जाच की व्यवस्था कर रखी है, पर मौके पर हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं। अगर जेब में पैसे न हों तो इलाज मुश्किल है। सरकारी अस्पताल में घुसते ही खर्च का सिलसिला शुरू हो जाता है। शासन की सख्ती के बावजूद डाक्टर बाहर की दवाएं लिखते हैं, मरीजों को कई जाच भी बाहर से करानी पड़ती हैं। खासतौर पर गरीबों के लिए तो इलाज कराना बेहद मुश्किल है हालांकि गतदिनो पूर्व सीडीओ के छापें से नकली डा पर्चा लिखते हुए पाया गया..!!
        वही जिला अस्पताल की इस दु‌र्व्यवस्था की गवाह बनी  महिला जो बेहतर इलाज की चाह लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती हुई और लापरवाही के चलते जीवन के आखिरी पड़ाव में घंटों तड़प तड़प कर बेड पर ही दम तोड़ दिया। हालांकि यह समस्या सिर्फ एक के साथ नहीं बल्कि उसकी तरह अस्पताल पहुंचे कई और मरीजों की भी देखी जा सकती है, जिनका अभाव के चलते यहां मुकम्मल इलाज नहीं हो पा रहा है। वहीं बेहतर इलाज के लिए शासन द्वारा अस्पताल में निशुल्क या कम मूल्य पर जांच की सुविधा भी मौजूद है, लेकिन जिला अस्पताल में यह महज कोरम साबित हो रहा है।

Related Articles

Comments

Back to Top