रामचरित मानस को अपने जीवन में उतारें

लखीमपुर खीरी , 113

लखीमपुर खीरी। रामचरित मानस पढ़ना ही पर्याप्त नहीं है उसके सांचे में अपने को ढालना होगा। और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के पदचिन्हों पर चल करके अब अपने इतिहास को बदलना होगा। आज ताड़काएं अनेकों रूप बना करके ऋषि मुनियों को सता रही है।जाने कितनी सीताओं का हरण हो रहा है। अनेकों सूर्पनखाएं अपना नाटक दिखा करके समाज में गंदगी फैला रही हैं।कुवुद्धि रूपी मंथराएं अनेक घरों को नाश कर रही हैं इसलिए भगवान श्री राम की मर्यादा के अनुसार अपने को ढालने का प्रयास करना चाहिए। हनुमान की तरह भगवान का काम करना चाहिए और सीताराम सीताराम जपना चाहिए तभी कल्याण हो सकता है 
उक्त विचार हैं श्री वेदमाता गायत्री प्रचार समिति के संस्थापक अध्यक्ष आचार्य पं राजेश दीक्षित के जिन्होंने तहसील निघासन के ग्राम पड़ुखिया कुटी पर चल रहे संकटमोचन हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में सीताराम संकीर्तन करते हुए कहे। सभी संतों ने सीता राम संकीर्तन किया। कार्यक्रम के व्यवस्थापक पंचदशनाम जूना अखाड़ा नागा बाबा भैरवपुरी ने बताया कि 14 अप्रैल को संकटमोचन हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा वैदिक मंत्रों से की जायेगी। तथा हवन पूजन किया जायेगा और कन्या भोज एवं भंडारे के साथ कार्यक्रम का विसर्जन होगा। कार्यक्रम में सभी ग्रामवासियों का भरपूर सहयोग मिल रहा है।

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