*बाढ़ के पानी के बीच नाव बनी राहत की राह, गांव पहुंची योगी सरकार की मदद*

लखीमपुर खीरी , 7

*आधा घंटे नाव से सफर कर उत्तमपुरवा व लोधपुरवा पहुंचे जनप्रतिनिधि और प्रशासन, 250 प्रभावित परिवारों को गांव में ही बांटी राहत किट*

लखीमपुर-खीरी, 10 सितंबर। बाढ़ के पानी ने रास्ते रोक दिए तो राहत की राह नाव से होकर गांव तक पहुंची। तहसील सदर के ब्लॉक नकहा अंतर्गत ग्राम रेहरिया के मजरा उत्तमपुरवा और लोधपुरवा में बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने के लिए जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता, सदर विधायक योगेश वर्मा और उपजिलाधिकारी/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट लखीमपुर चेलवा राजू आर., तहसीलदार मुकेश कुमार वर्मा नाव से गांव पहुंचे। करीब आधे घंटे का सफर तय कर मौके पर ही 250 प्रभावित परिवारों को राहत किट वितरित की।

*पानी ने घेरा, सरकार ने संभाला*
बाढ़ के चलते गांवों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण था। जलभराव के बीच नाव से पहुंचे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद किया और उनकी जरूरतों की जानकारी ली। राहत लेने के लिए ग्रामीणों को पानी पार कर कहीं जाने की जरूरत न पड़े, इसके लिए सरकारी राहत खुद उनके गांव और उनके दरवाजे तक पहुंची।

*विधायक बोले- संकट में हर परिवार तक पहुंचेगी मदद*
सदर विधायक योगेश वर्मा ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा में प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। राहत कार्य लगातार जारी हैं।
सरकार और प्रशासन का जोर इस बात पर है कि संकट की घड़ी में कोई भी प्रभावित परिवार सहायता से वंचित न रहे और राहत सामग्री जरूरतमंदों तक सीधे पहुंचाई जाए।

*सरकार संकट में हर परिवार के साथ खड़ी : जिलाध्यक्ष*
राहत किट वितरण के दौरान जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। शासन की मंशा के अनुरूप जरूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंचाने और प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया जा रहा है।

*गांव तक पहुंची राहत ने बढ़ाया भरोसा*
उत्तमपुरवा और लोधपुरवा में नाव से पहुंची राहत ने यह संदेश दिया कि हालात कितने भी चुनौतीपूर्ण हों, प्रभावित परिवारों तक सरकारी मदद पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। पानी के बीच पहुंची राहत किट ने ग्रामीणों के चेहरों पर राहत की उम्मीद भी जगाई।

*राहत किट में राशन के साथ जरूरत का पूरा सामान*
प्रत्येक लाभार्थी को दी गई किट में 2.5 किग्रा लाई, 2 किग्रा गैर-भुना चना, 2 किग्रा भुना चना, 1 किग्रा चीनी, 10 पैकेट बिस्कुट, 1 पैकेट माचिस, 1 पैकेट मोमबत्ती और 2 नग नहाने का साबुन शामिल हैं। इसके साथ 18 लीटर की ढक्कनदार बाल्टी और 12×10 वर्गफुट का 110 GSM से कम मोटाई का त्रिपाल भी दिया गया। खाद्यान्न में 10 किग्रा आटा, 10 किग्रा चावल, 2 किग्रा अरहर दाल, 10 किग्रा आलू, 200 ग्राम हल्दी, 100 ग्राम पिसी मिर्च, 200 ग्राम सब्जी मसाला, 1 लीटर सरसों का तेल/रिफाइंड और 1 किग्रा नमक शामिल है। महिलाओं और परिवारों की दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 20 सैनिटरी पैड, 2 नग कपड़े धोने का साबुन, 1 तौलिया, 1 मीटर सूती कपड़ा, 20 डिस्पोजेबल बैग, 1 मग और 100 मिलीलीटर डेटाल/सेवलॉन भी राहत किट का हिस्सा हैं।

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