बाहर से दवाई लिखने में परहेज नहीं कर रहे चिकित्सक

लखीमपुर खीरी , 117

लखीमपुर/धौरहरा। सरकारी अस्पतालों में प्रतिमाह लाखों रुपये की दवाओं की आपूर्ति की जा रही है। बावजूद मरीजों को बाहर से महंगी दवाओं की खरीदारी करनी पड़ रही है। मरीजों के सरकारी पर्चों के साथ एक पर्ची भी चिकित्सक द्वारा लिखी जाती है जिस पर पर बाहर की दवाएं लिखने से चिकित्सक परहेज नहीं कर रहे हैं।जिससे गरीब मरीजों की जेब कट रही है। वही शासन की मंशा पर पानी फिर रहा है। जिस पर जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी संतोष गुप्ता भी चिकित्सकों की कार्यशैली पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक रमियाबेहड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टरों द्वारा बाहरी दवा लिखने से मरीज व तीमारदार दोनों परेशान हैं मेडिकल स्टोर पर मिलने वाली दवा पर्ची पर लिखते हैं। जिसे एक हजार रुपए से  लेकर पंद्रह सौ,दो हजार तक की दवा मरीजों व तीमारदारों को खरीदनी पड़ रही है।यही नहीं प्रसव के लिए आने वाली प्रसूताओं को भी बाहर से दवा लेने के लिए पर्ची थमा दी जाती है। मरीजों का कहना है कि बाहरी दवा के लिए जब आपत्ति की जाती है, तो चिकित्सकों द्वारा कहा जाता है कि इलाज के लिए आवश्यक दवा अस्पताल में नहीं है। क्षेत्र के ही एक बुजुर्ग इलाज कराने आए थे उनको कई दिनों से बुखार आ रहा था,चिकित्सक ने 4 गोली अस्पताल से देकर बाकी एक हजार तीन हजार रुपए की बाहरी मेडिकल स्टोर से लाने के लिए पर्चा दिया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि सीएचसी पर रोग से संबंधित पूरी दवा नहीं दी जाती है। लोगों ने सीएमओ से जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। सीएचसी अधिक्षक रमियाबेहड़ डाक्टर मृदुल कुमार शुक्ला ने बताया कि संबंधित चिकित्सा अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है उचित कार्यवाही की जाएगी।

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