स्वतंत्रता सेनानी की शहादत व डा0 राम मनोहर लोहिया की जयंती पर गोष्ठी आयोजित

लखीमपुर खीरी , 122

लखीमपुर खीरी। 23 मार्च 2025 को समाजवादी छात्र सभा के कैंप कार्यालय का उद्घाटन एक भव्य आयोजन के तहत खीरी सांसद उत्कर्ष वर्मा व सपा जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल द्वारा फीता काटकर किया गया। साथ ही स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव की शहादत व लोहिया जी की जयंती पर गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी को संबोधित करते हुए खीरी सांसद उत्कर्ष वर्मा ने कहा कि यह दिन भारतीय इतिहास में वतन और वतनवासियों के लिए मर मिटने वाले जांबाजों का दिन है। आज ही के दिन लाहौर सेंट्रल जेल में अमर शहीद भगत सिंह को उनके साथियों सुखदेव और राजगुरु के साथ फांसी दी गई थी। जिस दिन उनकी फांसी हुई, उस सुबह एक जोरदार आंधी आई थी, जिसने न केवल ब्रिटिश सत्ता की जड़ों को हिलाया, बल्कि समाजवाद, "इंकलाब जिंदाबाद" और देश के हर नागरिक को समता प्रदान करने की अवधारणा को भारत की फिजाओं में तैरने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, यह प्रखर समाजवादी विचारक डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती का भी दिन है।  सपा जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह ने कहा कि आज के युवाओं को संगठित कर उन्हें देश सेवा और समाज कल्याण के लिए प्रेरित करना समाजवादी छात्र सभा का मुख्य उद्देश्य है। भगत सिंह के क्रांतिकारी विचार और लोहिया जी की समाजवादी दृष्टि को मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में अपनाने पर बल दिया।  रामपाल ने जोर देकर कहा कि "जिंदा कौमें पांच साल इंतजार नहीं करतीं," और आज के युवाओं को परिवर्तन का संवाहक बनना होगा।  गोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल ने कहा कि भगत सिंह ने मात्र 23 वर्ष की आयु में अपने प्राणों का बलिदान देकर देश के लिए एक मिसाल कायम की। उनका नारा "इंकलाब जिंदाबाद" आज भी हर युवा के दिल में जोश भरता है। पूर्व प्रत्याशी वरुण चौधरी ने कहा कि गांधी जी के आंदोलनों की सफलता की पटकथा भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों ने ही लिखी थी। उनकी शख्सियत क्रांतिकारी, आकर्षक और प्रेरणादायी थी, यही कारण है कि पूरा देश उनकी कुर्बानी पर कुरबान रहता है।  पूर्व उपाध्यक्ष क्रांति कुमार सिंह ने डॉ. राम मनोहर लोहिया के योगदान को याद करते हुए उनके समाजवाद और समानता के सिद्धांतों पर चर्चा की। जिला महासचिव अंसार महलूद ने कहा भारत छोड़ो आंदोलन के नायक रहे लोहिया जी आधुनिक समाजवादी भारत के निर्माता बने। उनकी यह मान्यता कि सच्चा लोकतंत्र तभी संभव है जब समाज के हर वर्ग को समान अवसर मिले, आज भी प्रासंगिक है। पूर्व जिला महासचिव नरेश यादव ने कहा कि भगत सिंह ने जिस समाजवादी और समतामूलक भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने का दायित्व आज हम सब पर है।  युवा संगठन के सदस्यों ने संकल्प लिया कि वे भगत सिंह और लोहिया जी के आदर्शों को आत्मसात करेंगे। इस अवसर पर पूर्व प्रत्याशी पीतेंद्र सिंह कक्कू, पूर्व छात्रसंघ महामंत्री भूपेंद्र सिंह वर्मा, जिला पंचायत सदस्य संदीप वर्मा, राष्ट्रीय सचिव रघुवीर यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार एडवोकेट, आकाश गुप्ता, रियाजुल्ला खान, श्री कृष्ण राज आदि वक्ताओ ने अपने निजी अनुभव साझा करते हुए कहा, " भगत सिंह के व्यक्तित्व और समाजवाद ने हम सब को बहुत प्रभावित किया। छात्र राजनीति के बाद मुख्यधारा की राजनीति में कदम रखते हुए मैंने समाजवादी पार्टी की डोर थामी और मुलायम सिंह यादव तथा नव समाजवाद के प्रहरी अखिलेश यादव के संघर्षों से प्रेरणा ली। एक समर्पित सिपाही की भांति समाजवाद की अलख जगाने के लिए मैं हर समय तैयार हूं।"  
 छात्र सभा जिलाध्यक्ष व गोष्ठी आयोजक प्रवीन यादव ने यह चिंता जताई कि आजादी के बाद भी भगत सिंह का सपना अधूरा है। उन्होंने कहा, "देश आजाद हो गया, लोकतंत्र स्थापित हो गया, पर वह नहीं हुआ जिसका स्वप्न भगत सिंह ने देखा था। बल्कि वह हो गया जिसका उन्हें भय था कि सत्ता एक विशेष तबके के हाथों में चली जाए और जनता की त्रासदी बनी रहे। आज अगर भगत सिंह जीवित होते, तो वे भी परिवर्तन की मांग करते।"  वर्तमान सरकार  "औपनिवेशिकता की दत्तक पुत्री" है तथा तत्कालीन समय में समाजवाद को पूर्ण रूप से स्थापित करने की और अधिक आवश्यकता है।  इस आयोजन में पार्टी के वरिष्ठ नेता अशोक वर्मा, अभय प्रताप सिंह, आरती जनवार, हरजीत सिंह, विनय मिश्रा, सरदार मंजीत सिंह संजय वर्मा, पम्मू वर्मा, सुधाकर लाला, प्रशांत लाला, अभिनव यादव, इमरान, अनुभव वाजपेई, आनंद पटेल समेत तमाम पदाधिकारी और बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए।

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