*वन विभाग की मिलीभगत से बिना रोक-टोक सम्पूर्णानगर वन क्षेत्र में चल रहा आरा।*

लखीमपुर खीरी , 133

पलियाकलां- सम्पूर्णानगर खीरी पुलिस व वन विभाग से साठगांठ कर लकड़ी ठेकेदार रात दिन हरे पेड़ काट रहे हैं। वहीं, जिम्मेदार जानकर भी अनजान बने हुए हैं। सरकार पर्यावरण को लेकर जितना संजीदा है। उतना ही लकड़ी ठेकेदार हरियाली को नष्ट करने पर आमादा हैं।
थाना क्षेत्र में इन दिनों बगैर परमिट हरे भरे पेड़ों पर आरा चल रहा है। पिछले वर्ष पूर्व वन विभाग पर्यावरण संतुलन के लिए पौध रोपण करा रहा था जिस पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाया गया है। बावजूद इसके आम, महुआ, नीम, शीशम व सागौन जैसे पेड़ों को ठेकेदार काटकर उठा ले जाते हैं। वहीं, क्षेत्र में हो रही हरे वृक्षों की कटान के लिए वन विभाग को पुलिस जिम्मेदार ठहराती है। वहीं, वन विभाग हमेशा स्टाफ व संसाधनों का रोना रोता है।
जिले का दुधवा जंगल सबसे अधिक क्षेत्रफल का जंगल है। इनमें शीशम, सागौन जैसे कीमती लकड़ियों के पेड़ मौजूद हैं। लकड़ी काटने वाले वन मुंशी व गार्डों से तालमेल बनाकर जंगलों से शीशम व सागौन के पेड़ काट कर आसपास खुली फर्नीचर की दुकानों पर बेच देते हैं। कई बार क्षेत्रीय लोगों ने जंगलों से काटकर ले जाते लकड़ी पकड़ी और उच्च अधिकारियों को बताया, किन्तु आज तक वन कर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जो कि आज भी जंगल व ग्रामपंचायत की  लकडियो को बेच रहे हैं।

*इंडो नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों से  अवैध कटान।*

थाना क्षेत्र के इंडो नेपाल के सीमावर्ती इलाकों से बेशकीमती अवैध ढंग से प्रतिबंधित पेड़ काटे जाते हैं।
वन विभाग के संरक्षण में लगे ठेकेदार एक का परमिट दिखाकर एक दर्जन पेड़ों को काट कर ठिकाने लगा देते हैं। 
सूत्र एक लकड माफिया ठेकेदार का कहना है कि हम लोग जंगल गांव के करीब छूट की लकड़ियां काटते हैं उसी के साथ बेश्कीमती लकड़ियों को भी काट डलते है और किसी को पता तक नहीं चलता और अगर किसी को भनक लग जाए तो पैसों से मुंह बंद कर देते हैं।

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