यह प्राथमिक विद्यालय है या वाहनों का स्टैंड ?
लखीमपुर खीरी Dec 08, 2024 at 09:50 AM , 143हरीशंकर मिश्र
लखीमपुर खीरी। भ्रष्टाचार में पूरी तरह से जकड़ा बेसिक शिक्षा विभाग अपने भ्रष्ट कारनामों को सुधारने का नाम नहीं ले रहा है जैसा कि लखीमपुर नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मिश्राना में शिक्षा की जगह अब मोहल्ले के पूंजी पतियों के वाहनों को खड़े करने का स्थान बन चुका है जैसा कि इससे पूर्व सिंगाही के एक स्कूल में नृत्य करने वाले महिलाओं को वहां के भ्रष्ट प्रधान अध्यापक ने रुकने के लिए स्थान दिया था इसी भ्रष्टाचार के चलते ग्रामीण इलाकों में गरीब के बेटियों की शादी में बारात रुकने के लिए मास्टर साहब कहते हैं कि बरात नहीं रुक सकती है यह सरकारी आदेश है परंतु यह बात जन सामान्य की समझ में नहीं आ रहा है कि नगर के प्राथमिक विद्यालय मिश्राना में किसके आदेश से मोहल्ले के पूंजीपति अपनी गाड़ी खड़ी करते हैं मोहल्ले के लोगों ने आरोप लगाते हुए बताया है कि हमारे मोहल्ले के पूंजी पति गाड़ी खड़ी करने के लिए मिश्राना प्राथमिक विद्यालय के प्रधान अध्यापक को हर माह कुछ रकम देते हैं इसके चलते हमारे मोहल्ले के लोग इस प्राथमिक विद्यालय में अपने चार पहिया आदि वाहन खड़े करते हैं एक तरफ सरकार व उसके नियम कार्य कुछ अलग ही कहते हैं। जब संवाददाता इस प्राथमिक विद्यालय में पहुंचा तो वहां पर मात्र एक शिक्षामित्र पढ़ाते देखे गए, प्रधान अध्यापक के बारे में पूछने पर बताया कि वह मेरी बड़े अफसर हैं मुझे मना किया है कि मेरे बारे में किसी को कोई जानकारी मत देना,मेरा काम है बच्चों को पढ़ाना, समय से स्कूल खोलने तथा बंद करना इस संबंध में नगर क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी का फोन लगाया गया फोन यह बता रहा था कि नेटवर्क के बाहर है इस संबंध में शिक्षा विभाग के मुखिया जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को फोन लगाया घंटी गई परंतु उनका फोन नहीं उठा ऐसा लगता है कि बीएसए खीरी किसी अर्जेंट काम में व्यस्त होंगे। यह बात समझ में नहीं आती है कि क्या प्राथमिक विद्यालय मिश्राना का कोई भी बेसिक शिक्षा विभाग का अफसर निरीक्षण करने नहीं जाता है? क्या ऑफिस में बैठकर महज खाना पूर्ति करके अपना वेतन निकालते हैं? इस तरह जिम्मेदार स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य बर्बाद करने पर तुले हुए हैं तथा अगर इस स्कूल में कोई बेसिक शिक्षा विभाग का अफसर कभी भी स्कूल जाता तो तब यहां वाहन खड़े करने का स्टैंड नहीं बनता, लोग बताते हैं कि मास्टर के सिवाय और भी मोहल्ले के बेसिक शिक्षा विभाग को इसलिए नहीं सुधारना चाहते हैं कि इसमें मोहल्ले के कमजोर वर्ग के बच्चे पढ़ते हैं अगर सब पढ़कर कुछ जागरूक बन जाएंगे तो शायद सरकार व उसके अमले के लिए मुसीबत ही बनेंगे। मोहल्ले की जनप्रतिनिधि भी अपनी आंख मूंद लिए हैं अगर गरीबों के बच्चे पढ़ जाएंगे तो सरकार से राशन सामग्री कौन लेगा प्राथमिक विद्यालय के अफसर विद्यालय मैं बने चार पहिया दुपहिया वाहन स्टैंड को हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाते हैं यह मोहल्ले का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है। जिसकी लाठी उसकी भैंस कहावत चरितार्थ हो रही है।






_page-0001.jpg)
























Comments