प्रणव सुलक्ष्य ने माॅरीशस में सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र अवार्ड प्राप्त करके जनपद को किया गौरवान्वित
लखीमपुर खीरी Sep 13, 2024 at 05:32 PM , 275लखीमपुर खीरी। स्कूल ऑफ इंडोलॉजिकल स्टडीज, महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट, मोका मॉरीशस और ग्लोबल संस्कृत फोरम, भारत के संयुक्त तत्वावधान में मॉरीशस में भाषा और संस्कृति में संस्कृत की स्थाई विरासत विषय पर आधारित वैश्विक संस्कृत सम्मेलन संपन्न हुआ, इस सम्मेलन में अमेरिका, इंग्लैंड ,फ्रांस ,मॉरीशस तथा भारत आदि के 250 से अधिक विद्वानों और शोध छात्रों ने अपने शोध पत्रों को प्रस्तुत किया । महत्वपूर्ण यह है कि इस वैश्विक सम्मेलन में सहभागिता हेतु ग्लोबल संस्कृत फोरम के महासचिव और इस वैश्विक सम्मेलन के संयोजक डॉ राजेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में भारत से गए हुए 24 विद्वानों के प्रतिनिधिमंडल में प्रणव सुलक्ष्य त्रिवेदी को भी चुना गया। बेंगलुरु से योगथेरेपी में एमएससी कर रहे हैं अपने जनपद के प्रणव सुरक्षित त्रिवेदी ने इस आयोजन में प्रत्यक्ष सहभागिता करते हुए योग विषय पर अपना विस्तृत शोध पत्र प्रस्तुत किया। प्रणव सुलक्ष्य के शोध पत्र को तथ्यात्मक व प्रामाणिक निष्कर्ष के आधार पर सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र के रूप में चुना गया और मॉरीशस की उप प्रधानमंत्री महोदया श्रीमती लीला देवी लुचुमुन, महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉ रामपरताब की उपस्थिति में विद्वानों के द्वारा उन्हें प्रमाण पत्र और सम्मान प्रदान किया गया। मॉरीशस की उप प्रधानमंत्री श्रीमती लीला देवी सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहीं। शिक्षा मंत्री ,डायरेक्टर जनरल ,डायरेक्टर और हेड स्कूल ऑफ इंडोलॉजी ,कुलपति प्रोफेसर एम एम पाठक, पूर्व कुलपति प्रोफेसर रजनीश शुक्ला और आईसीसीआर चेयर के रूप में पांच विशेषज्ञ भारत के सांस्कृतिक प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित हुए । मॉरीशस की उप प्रधानमंत्री महोदय ने आयोजन की प्रशंसा करते हुए प्रणव सुलक्ष्य त्रिवेदी के शोध पत्र की सराहना की उन्होंने संस्कृत और योग विषय के महत्व को समझते हुए मॉरीशस के स्कूलों में प्राथमिक लेवल पर संस्कृत और योग के अध्यापन को आरंभ कराए जाने के लिए घोषणा भी की। ज्ञात हो ,कि यह वैश्विक सम्मेलन मॉरीशस की कैबिनेट के प्रस्ताव में सर्वसम्मति से अनुमति प्राप्त करने के पश्चात् मारीशस में आयोजित किया गया ।इस वैश्विक सम्मेलन में ग्लोबल संस्कृत फोरम के संरक्षक प्रोफेसर सेन पाठक यू एस ए,डायरेक्टर जनरल महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट मॉरीशस , रामप्रताप यू एस ए ,प्रोफेसर कपिल मेहता यू एस ए, श्री महेंद्र मिश्रा भारत , वैश्विक सम्मेलन के संयोजक डॉ राजेश कुमार मिश्रा तथा डॉक्टर कमल चंद्र राधा कृष्ण मॉरीशस का इस वैश्विक सम्मेलन के आयोजन में विशेष योगदान रहा।
प्रणव सुलक्ष्य अपनी इस उपलब्धि के लिए अपनी संस्था के गुरु जनों को इसका श्रेय प्रदान करते हैं। भविष्य में भारतीय सनातन संस्कृति और वैदिक परंपरा की शक्ति को नव आयाम स्थापित करने की दिशा में उनका शोध अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।






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