इकबाल अकरम वारसी के सम्मान में कवि सम्मेलन व मुशायरे का आयोजन

लखीमपुर खीरी , 227

लखीमपुर खीरी।कस्बा खीरी अंतर्गत सूफ़ी हज़रत नुरुल हसन सिद्दिकी के आवास पर शायर व कहानीकार इकबाल अकरम वारसी के सम्मान में कस्बा वासियों ने कवि सम्मेलन व मुशायरे का आयोजन किया।ज्ञात हो चंद  दिनों पूर्व ग़ालिब अकादमी दिल्ली में उर्दू साहित्य में उत्कृष्ट कार्य सेवा करने पर लाइफटाइम अचीवमेंट व गोल्ड मेडल से नवाज़ा गया था इस से कस्बा खीरी में ख़ुशी का माहौल बना हुआ है इसी ख़ुशी में शोयब अहमद सिद्दीक़ी उर्फ़ टिंकू सर कि की सर परस्ती में आफताब खान बल्लु हसीन अहमद वारसी मुहम्मद ज़ीशान उर्फ़ खुर्रम मुहम्मद आसिफ खान आमीन हाश्मी ने गंगा जमुनी कार्यक्रम का आयोजन किया कार्यक्रम की अध्यक्षता लखीमपुर के समाजसेवी शकील खान सागर ने किया और निज़ामत सय्यद सलमान रिज़वी ने की शोएब सिद्दीक़ी आसिफ खान शकील खान सागर ने शाल ओढ़ा कर सम्मान किया आफताब खान उर्फ़ बल्लू हसीन वारसी ज़ीशान उर्फ़ खुर्रम हाजी इलियास ने मेमेंटो और फूलों के बुके पेश किये इस अवसर पर हाफ़िज़ बशीर कनपुरी डॉ कमाल अख्तर बदायूं डॉ दाऊद अली मलिहाबाद बशर हरगांव रिज़वान मारूफ हरगांव डॉ एहराज अरमान इलियास चिश्ती नफीस वारसी सैफुल इस्लाम निहाल लखीमपुरी अज़ान खान लखीमपुरी ने और आफताब खान बल्लु ने अपना कलाम पेश किया।काफ़ी है हुस्न आपके हुस्न ओ जमाल का,कमज़ोर आईना हैसंवर कर न देखिए 
हाफ़िज़ बशीर कनपुर,जब तुम में नहीं थी वापसी की सिमते,तो यह क्यों कह कर गए थे मेरा इंतज़ार करना 
सय्यद सलमान रिज़वी,मैं जानता था कि यह शहर आपका है यहाँ करेंगे बात सभी आप ही के लहजे में नफीस वारसी मुझको चाहत में किया दिया तुमने सच तो यह है दग़ा दिया तुमने सैफुल इस्लाम किसी मुफलिसी के आँगन में कभी खुशियाँ नहीं आतीं अगर क़िस्मत से आप जाएँ तो दुनिया छीन लेती है इक़बाल अकरम वरसी अंत में सरपरस्त शोएब सिदफ़ीक़ ने इक़बाल अकरम वारसी को एक बार फिर मुबारकबाद देते हुए ख़ुशी का इज़हार किया और तमाम शायरों और श्रोता का को शुक्रिया कहा इस अवसर पर कबबन शकील खान राजेश पंडित के अलावा दर्जनों लोग उपस्तिथि रहे।

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