बिजुआ सीएचसी में भष्टाचार की जड़ें जबदस्त तरह फैली

लखीमपुर खीरी , 133

लखीमपुर-खीरी। सुविधा शुल्क बढा दिया गया भष्टाचार में इजाफा चल रहा अजब-गजब तमाशा बताते चलें पहले बिजुआ  उपकेंद्रों पर प्रसव के लिये वसूले जाते थे 8 सौ से  1 हजार तक लेकिन अब उपकेंद्रों पर बिना किसी शासनादेश के एम्बुलेंस रोक दी गईं हैं। और प्रसूता सीधे बिजुआ सीएचसी पर लाई जाती है जहां उसका छोटा ऑपरेशन करके वसूले जाते हैं दो हज़ार से ढाई हजार तक रुपये इस वसूली में केवल स्टाफ नर्स ही नहीं इसमें से डेढ़ सौ रुपये जाते हैं सीएचसी अधीक्षक को और पचास रुपये जाते हैं बाबू को अब आप अंदाजा लगा सकते हैं कि मई माह 277 के आस पास का डिलवरी का आंकड़ा है इसको 150 के हिसाब से जोड़िये तो 41 हजार 5 सौ पचास रुपये केवल डॉक्टर साहेब के  चढ़ावा  भष्टाचार का इतना बड़ा खेल हों रहा  लेकिन अधीक्षक साहब हकीकत से पूरी तरह से वाकिफ होने के बाद ऐसा रूख जाहिर कर रहे जैसे उन्हें कुछ पता ही नहीं 
दिनांक 10- जून 2024 की
 रात  सीएचसी में तैनात स्टाफ नर्स अंजली ने छोटा ऑपरेशन करके दो हज़ार रुपये ले लिये लेकिन कोई कहने वाला नहीं है।
इतना बड़ा खेल इतना बड़ा भष्टाचार फ़ैला हुआ है स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी की संलिप्तता की कहानी उनकी उनकी खामोशी बयान कर रही यह पब्लिक है सब जानती है अंदर क्या है बाहर क्या है पहचानती है।

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