मुख्यमंत्री के आदेश नहीं बस यूनियन की चलती है हुकूमत

लखीमपुर खीरी , 109

पलियाकलां खीरी। हिंदुस्तान के विभिन्न महानगरों में कल कारखानों में मजदूरी करके जीवन यापन करने वाले नेपाली प्रबासी मजदूरों के उत्पीड़न का सिलसिला पलिया बस यूनियन द्वारा जारी है जिसको लेकर धनगढ़ी (नेपाल)उद्योग बाणिज्य संघ सहित कई संगठनों ने भारत सरकार व नेपाल सरकार तथा दोनों देश के दूतावास को लिखित पत्र भेज शिकायत की थी जिसके फलस्वरूप गत दिवस जनहित में पलिया एसडीएम व पुलिस क्षेत्राधिकारी ने यूनियन के पदाधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी थी कि अन्य राज्यों से आने वाली बसों को पलटी न कराया जाय किन्तु हौसले बुलंद यूनियन के पदाधिकारी तहसील पुलिस प्रशासन के आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि हिंदुस्तान के बिभिन राज्यों के महानगरों में काम करने वाले नेपाली प्रवासी मजदूर कोरोना के प्रचंड रूप से भयभीत होकर इन दिनों अपने वतन(नेपाल)वापसी कर रहे हैं जोकि संगठित ग्रुप बनाकर विभिन्न राज्यों से नेपाल बॉर्डर तक सुरक्षित पहुँचने तक के लिये बस का पूरा किराया अदा कर बुक कराते हैं किंतु बॉर्डर से 45किमी पलिया नगर से 9 किमी पहले मझोरा दावा पर पलिया बस यूनियन के दबंग लोग संगठित होकर जबरन डरा धमकाकर नेपाली यात्रियो को बस से उतरने पर मजबूर कर देते हैं इसी क्रम में यूनियन के सहायक ऑटो चालक फैक्ट्री व मझोरा दावा से बस अड्डे तक घरेलू सामान एवं यात्रियो को पहुँचाने के नाम पर दो दो हजार रुपये बसूली करते हैं इसके उपरांत नेपाली यात्रियो को यूनियन की बसों में भेड़ बकरियों की तरह ठूस दिया जाता है और दुधवा जंगल में प्रवेश होते ही परिचालक उक्त यात्रियो से सरकारी बसों की अपेक्षा 12 रुपये एक्सट्रा 50 की दर से किराया तथा घरेलू सामान के प्रति नग200 रुपये जबरन वसूली करते हैं बिरोध करने पर बीच जंगल में उतार देने की धमकी देते हैं ।इसमे जगह जगह पर बैठे मैनेजर को प्रति बस के हिसाब से 50 रुपये से500 रुपये बसुलते है।इसके साथ ही गौरी फंटा बस यूनियन के मैनेजर द्वारा टेक्सी स्टैंड के नाम पर100 रुपये  प्राइवेट वाहनों से बसूली करते हैं एवं टेक्सी चालको से यात्री वेचने के नाम पर मोटी रकम वसूलता है जिसके फलस्वरूप राजनैतिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त बस यूनियन के गुर्गे तथा दावा संचालक नेपाली यात्रियो शारिरिक व मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं वही यात्रियों को डरा धमकाकर कर भारू नेपाली रुपये का अवैध कारोवार कर रहे हैं । बस यूनियन द्वारा किये जा रहे उत्पीड़न अगर जल्द अंकुश नहीं लगाया गया तो नेपाल मजदूर संघ, उद्योग बाणिज्य संग ,बस यूनियन व्यवसाय संघ सहित कई राजनैतिक व सामाजिक संगठन बॉर्डर पर चक्का जाम करेंगे ।

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