*रैगिंग मुक्त परिसर के लिए विद्यार्थियों को किया जागरूक*

लखीमपुर खीरी , 0

*एंटी रैगिंग जागरूकता संगोष्ठी में विद्यार्थियों ने ली रैगिंग के विरुद्ध शपथ*

युवराज दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय, लखीमपुर खीरी में बुधवार को कक्ष संख्या 28 में एंटी रैगिंग जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. हेमंत पाल ने की। संगोष्ठी का उद्देश्य विद्यार्थियों को रैगिंग की अवधारणा, उसके दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों तथा रैगिंग की स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के प्रति जागरूक करते हुए महाविद्यालय में सुरक्षित, अनुशासित एवं सौहार्दपूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना था।कार्यक्रम का विषय प्रवर्तन करते हुए प्रो. सुभाष चंद्रा, प्रभारी एंटी रैगिंग प्रकोष्ठ, ने रैगिंग की संकल्पना और इसके विभिन्न स्वरूपों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को रैगिंग के विरुद्ध महाविद्यालय द्वारा अपनाई जाने वाली व्यवस्थाओं एवं उनकी भूमिका के संबंध में जानकारी प्रदान की।प्रो. एस. के. पाण्डेय ने रैगिंग के अर्थ एवं इसकी गंभीरता को स्पष्ट करते हुए रैगिंग की स्थिति में अपनाई जाने वाली एसओपी (SOP) के विभिन्न चरणों की जानकारी दी। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता में रैगिंग से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी एवं डॉ. अजय कुमार वर्मा ने रैगिंग से संबंधित शिकायत दर्ज कराने के लिए उपलब्ध आवश्यक फोन नंबर और संबंधित फोरम की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी।प्रो. विशाल द्विवेदी, प्रभारी शिक्षक शिक्षा विभाग, ने महाभारत के श्लोक "आत्मनः प्रतिकूलानि परेषां न समाचरेत्" के माध्यम से एंटी रैगिंग के आधारभूत दर्शन को समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने व्यवहार में संवेदनशीलता, आत्मानुशासन एवं परस्पर सम्मान विकसित करने के प्रभावी उपाय बताए।प्रो. ज्योति पंत ने महाविद्यालय में यूनिफॉर्म के महत्व के साथ-साथ छात्राओं से संबंधित विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने महाविद्यालय स्तर पर छात्राओं के साथ होने वाले संभावित भेदभाव, उसके विभिन्न रूपों तथा उससे बचाव के उपायों के बारे में विद्यार्थियों को जागरूक किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. हेमन्त पाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि महाविद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और मानवीय मूल्यों के विकास का भी केंद्र है। उन्होंने विद्यार्थियों से एक-दूसरे के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और सहयोग की भावना बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार से दूर रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को एंटी रैगिंग शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकों सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. सुभाष चंद्रा ने किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सांस्कृतिक समिति की संयोजिका प्रो. नीलम त्रिवेदी, एवं एंटी रैगिंग प्रकोष्ठ के सदस्य प्रो. विशाल द्विवेदी, प्रो. ज्योति पंत, प्रो. एस.के. पाण्डेय, सतेन्द्र पाल सिंह, डॉ. अमित सिंह, डॉ. मोहम्मद नजीफ, धर्म नारायण, डॉ. रचित कुमार, डॉ. सौरभ वर्मा एवं डॉ. अजय कुमार वर्मा की सक्रिय सहभागिता रही।

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