सुनियोजित ढंग से सैनिक की हत्या करने का आरोप

लखीमपुर खीरी , 174

लखीमपुर खीरी।  सैनिक दीपेंद्र अवस्थी को एसएसबी डॉक्टरो पर रंजिसन बिना बीमारी के गलत इलाज कर जबरन ड्रग्स के नशीले इंजेक्शन दवाइयां खिलाकर सीजर डिस ऑर्डर की गलत रिपोर्ट बनाकर शारीरिक प्रताड़ना,आर्थिक क्षति,बौद्धिक, शारीरिक, क्षमता नष्ट किए जाने की शिकायत दि012-6-2019 को आई जी, डीआई जी, रानी डगा सिलीगुड़ी से दि0-01-7-2019 व 15-11-019 तथा आई जी मेडिकल डी,जी एस एस बी दिल्ली दि016-11 -019को मा0 गृह मंत्री , रक्षा मंत्री,से शिकायत की सैनिक का उज्जवल भविष्य कर जीवन रक्षा की जाए!  किसी ने सज्ञान नही लिया!रंजिशन पद का दुरुपयोग कर कागजों में साजिशन इलाज चला कर सैनिक का जीवन बर्बाद करने के उद्देश्य से आपस में घोर अपराधिक षड्यंत्र रचकर कोविड-19 महामारी के चलते नियम विरुद्ध गलत ढंग से दि018-3-020 रात करीब 8रूबजे सर्विस से डिस्चार्ज कर दिया! पीड़ित पिता का आरोप है ,डाक्टरों के गलत इलाज,रंजिशन द्वेष भावना से बनवाई गई सीजर डिस ऑर्डर की रिपोर्ट शारीरिक यातना आर्थिक क्षति  मानसिक प्रता ड़ना के आघात से आहत कर साजिशन गलत इलाज कर जबरन ड्रग्स के नशीले  इंजेक्शन दवाइयां खिलाकर षडयंत्र पूर्वक  सुनियोजित ढंग से सैनिक की हत्या करने का आरोप लगाया है।मा0 न्यायालय के आदेश परअ0सं01298 ध्020धारा 306 ,120बी ,110,504, 506मे कोतवाली सदर लखीमपुर खीरी उ0प्र0में दि0 5-12-020 को रिपोर्ट लिखी गई!(1)-डॉ0अनूप कुमार मेडिकल कमांडेंट प्रशिक्षण केंद्र चंदू खेड़ी भोपाल (2)- डॉ0आर एन साहू गांधी हमीदिया मेडिकल कॉलेज भोपाल(3)डॉ0 रिंकू डे मेडिकल कमांडेंट 41, बटालियन रानी डगा(4)डॉ0जसजीत सिंह मेडिकल कमांडेंट बी एस एफ कदमतला सिलीगुड़ी (5)-अरुन कुमार सिंह कमांडेंट 8 बी,एन बटालियन खपरैल सिलीगुड़ी नाम जदअभि युक्त है161के मजीद बयान में(6)डॉ0सुभाष घोष डिशुन हॉस्पि टल मेडिकल रोड सिली गुड़ी (7) डॉ0 न्यूरो फिजीशियन (नाम अज्ञात)नार्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज सिलीगुड़ी (8)-सुरेश गुडला बेचम (9)-कांस्टेबल अरुण दास(10)-कांस्टेबल भूपेंद्र 41बटालि यन जो सभी लोग षड्यंत्र मे शामिल हैं।पीड़ित पिता का यह भी आरोप हैस कि अप्रत्यक्ष=प्रत्यक्ष रूप से घटना में शामिल है गृह मंत्रालय भारत सरकार के अधिकारी कर्मचारी हैं! जिनके प्रभाव के कारण प्रादेशिक पुलिस गिरफ्तारी कर प्रभावी ढंग से विवेचना नहीं कर रही है!न्याय मिलने की संभावना नहीं है! जिसको लेकर -पीड़ित पिता,ने दि0 5-2-021 को मा0 मुख्यमंत्री,को पत्र भेजा जिसपर  पुलिसअधीक्षक खीरी से जांचआख्या मांगी जो दि025- 2-021को मुख्य मंत्री को प्राप्त करा दी गई तथा मा0प्र0गृह सचि व,मा0 राज्य पाल,उ0प्र0,मा0प्रधानमंत्रीम0राष्ट्र पति,मा0गृह सचिव,मा0 गृह मंत्री मा0 रक्षा मंत्री एवं भा0ज0पार्टी के चुने हुए जन प्रति निधियों के पत्रों सहित पत्र लिखकर अभि युक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा सी,बी,आई जांच की मांग की हैद्य पीड़ित ने बताया शासन उन्हीं एस एस बी अधिकारियों को कार्यवाही के लिए पत्र भेज रहे जिनके द्वारा सैनिक दीपेंद्र को जीवित रहते न्याय नहीं दिया गया, संज्ञान लेते तो, आज पुत्र जीवित होता!मृतक सैनिक को न्याय दिलाने के लिए जिला अधिवक्तासंघ लखीमपुर खीरी केअध्यक्ष मंत्री बहुत से सम्मा नितअधिवक्ताओं ने उपस्थित होकर दि018,3,021को जिलाधिकारी खीरी के माध्यम से मा0मुख्य मंत्री मा0प्रधानमंत्री म0 राष्ट्रपति को अभियु क्तों की शीघ्र गिरफ्तारी,सीबीआई जांच की मांग करते हुए ज्ञापन दिया गया!,दि0 5,4,021 को राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा संगठन  के पदाधिकारी अध्यक्ष,महामंत्री बहुत से सम्मानित अधिवक्ता उपस्थित होकर मा0मुख्यमंत्री,मा0 विधि नयाय मंत्री, पुलिस महानिदेशक उ0प्र0,मा0प्रधान मंत्री, म0 राष्ट्रपति मा0 विधि न्याय मंत्री,भा0स0  को जिलाधिकारी खीरी के माध्यम से ज्ञापन देकर  अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी,सी0बी0आई, जांच के लिएद्यज्ञापन देकर मांग की है पीड़ित माता-पिता ने शासन प्रशासन, उच्च अधिकारियों, से सैनिक के जीवन काल से बराबर इंसाफ मांग रहा किसी ने नहीं सुना पीड़ित पिता की शिकायत पर गंभीरता से संज्ञान लिया जाताद्य तो सैनिक पुत्र को न्याय मिलता, दि0 5-2-021मे म0राष्ट्रपति को भेजा गया पत्र.जिसे गृह मंत्रालय होते हुए एस,एस,बी मुख्यालय दिल्ली आवश्यक कार्यवाही हेतु पत्र भेजा गया!जिन्होंने सैनिक के जीवित रहते न्याय नहीं किया! अपने अधिकारी कर्मचारी प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से लापर वाही के दोषी पाए जाने वालों को शीघ्र जेल भेज कर ! मृतक सैनिक दीपेंद्र अवस्थी व माता-पिता के साथ इंसाफ किया जाए द्य ैैठ विभाग से न्याय नहीं मिलेगा!मा0सचिव श्री रविशंकर जी राष्ट्रपति के समक्ष  23 -4-2021को अपील  प्रस्तुत कर अभियुक्तों की गिरफ्तारी एवं सी0बी0आई0से जांच कराए जाने का आदेश देकर द्य सैनिक व पीड़ित माता-पिता को इंसाफ दिलाया जाएद्य!  अन्यथा  पीड़ित पिता का ऐसे शासन सरकार वअधिकारियों के बीच में रहने से क्या फायदा पीड़ित पिताअपने पुत्र सैनिक को न्याय न दिला सके।

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