नहर का जल स्तर कम होने से ऊंचे पर नही पहुंच रहा पानी

लखीमपुर खीरी , 367

मितौली खीरी। सीतापुर रजबहा खंड द्वितीय दो सप्ताह संचालित होने के बावजूद किसानों की फसलों की सिंचाई नहीं हो सकी। जिसका मुख्य कारण नहर में ऊंचाई पर लगे कुलाबे नहर में जल स्तर कम होने पर पानी नहीं देते। किसानों का कथन है कि सीतापुर रजबहा खंड द्वितीय में सिंचाई विभाग द्वारा तीन महीने के उपरांत दो सप्ताह दिखावे के लिए पानी का संचालन तो कराया गया। किंतु नहर का जल स्तर कम होने के कारण ऊंचे पर लगे कुलावो से पानी ही नहीं निकला। कुछ किसानों द्वारा नहर में बंधा आदि लगाकर अपनी फसलों की सिंचाई तो कर ली।किंतु सीधे-साधे किसानों की गन्ने की फसल आज भी सूख रही है। 25 अप्रैल को नहर में पानी का संचालन बंद करा दिया गया। क्षेत्रीय किसान साधन संपन्न किसानों की बोरिंग से एक हजार फुट डिलीवरी पाइप डालकर अपनी फसलों की सिंचाई करने को मजबूर हैं । एक तरफ क्षेत्रीय किसानों का 0 238 गन्ना खेतों में ही सूख गया था । वहीं दूसरी तरफ कोरोना कॉविड 19 महामारी के कहर तथा डीजल पर बेतहाशा मूल्य वृद्धि की दोहरी मार झेल रहे किसान अपनी फसलों को जीवित रखने के उद्देश्य को लेकर बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड आदि से कर्जा निकालकर सिंचाई व्यवस्था कर अपनी फसलों की सिंचाई कर रहे हैं। शासन व प्रशासन द्वारा किसानों की समस्याओं की ओर कोई भी गौर नहीं किया जा रहा है। किसान काफी चिंतित है किसानों का कथन है भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद किसान हितों का दावा करने वाली सरकार के वादे पूर्णतयः झूठे साबित हो रहे हैं समाजवादी पार्टी के शासनकाल में नहरों में पानी का संचालन समयानुसार किया जाता रहा था । वर्तमान शासन काल में सीतापुर रजबहा प्रखंड प्रथम में पानी का संचालन मानक के अनुरूप कराया गया। किंतु सीतापुर रजबहा खंड द्वितीय में पानी का संचालन मात्र दिखावा ही बना रहा। जिसके चलते किसानों की फसलें असिंचित पड़ी हुई हैं। किसान अपनी फसलों की सिंचाई एन केन प्रकारेण करने को मजबूर हैं । क्षेत्रीय किसान रामू सिंह निवासी डलुवापुर एवं कस्ता निवासी एडवोकेट सुरेश चंद्र शुक्ला का कथन है कि पूर्व में सीतापुर रजबहा खंड द्वितीय में पानी का जल स्तर ऊपर उठाए जाने के उद्देश्य से नहर में बनाई गई झाले सिंचाई विभाग द्वारा तुड़वा दी गई थी । झाल टूट जाने के बाद ऊंचाई पर लगे कुलावे पानी ही नहीं निकालते , जिसके कारण किसानों की फसलें असिंचित रह रही हैं । अगर वही झाले पुनः बनवा दी जाए तो रजबहा का जल स्तर ऊपर उठ जाएगा तथा कुलावे पानी निकालने लगेंगे। क्षेत्रीय किसानों ने सीतापुर विभाग खंड द्वितीय में पानी का संचालन समय-समय पर मानक के अनुरूप कराए जाने की मांग जिला प्रशासन तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से की है।

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