दो रोज़ा वारसी उर्स धूमधाम से संपन्न, नातिया मुशायरे और कव्वाली की महफ़िल में उमड़े अकीदतमंद

लखीमपुर खीरी , 6

लखीमपुर खीरी। शहर के मोहल्ला हिदायत नगर में हाजी कुर्बान अली के आवास पर दो रोज़ा जश्न-ए-आलमपनाह हुज़ूर हाजी हाफ़िज़ वारिस शाह का आयोजन धूमधाम और अकीदत के साथ संपन्न हुआ। दो दिनों तक चले इस कार्यक्रम में नातिया मुशायरे, औलिया-ए-किराम और अहले बैत की शिक्षाओं पर चर्चा तथा कव्वाली की महफ़िल सजी।

कार्यक्रम के पहले दिन नातिया मुशायरे का आयोजन किया गया, जिसकी निज़ामत इकबाल अकरम वारसी ने की। इस दौरान सैफुल इस्लाम, सैफ अंसारी, इब्बन खान, आदिल अंसारी और जमील ने अपने कलाम पेश कर समां बांधा। खतीब-ए-अहले बैत सय्यद सलमान रिज़वी ने औलिया-ए-किराम और अहले बैत के जीवन, शिक्षाओं और उनके संदेशों पर रोशनी डाली। अंत में सलातो-सलाम और दुआ के साथ पहले दिन के कार्यक्रम का समापन हुआ।

दूसरे दिन देवा शरीफ और मुजफ्फरनगर से आए कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश किए। महफ़िल में मौजूद अकीदतमंदों ने कव्वाली का आनंद लिया और बुजुर्गों को खिराज-ए-अकीदत पेश किया।

इस अवसर पर देवा शरीफ से वारसी बाबा, कस्ता से सूफी अफजल मियां, सूफी जियाउल्लाह सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के आयोजक हाजी कुर्बान अली ने शायर इकबाल अकरम वारसी, रेहान रज़ा एडवोकेट और अन्य लोगों को पीला अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।

दो रोज़ा कार्यक्रम आपसी मोहब्बत, भाईचारे और बुजुर्गों की तालीमात को याद करने के संदेश के साथ संपन्न हुआ।

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