*स्वास्थ्य विभाग और ग्राम पंचायत की लापरवाही, वर्षों से नहीं हुई फॉगिंग*
लखीमपुर खीरी Oct 11, 2026 at 07:15 PM , 0रमियाबेहड़ के तेजनपुरवा गांव में भारी बारिश के बाद जलभराव से बढ़ा मच्छरों का प्रकोप, बच्चे और मवेशी बेहाल
*रमियाबेहड़ (लखीमपुर खीरी)।*
विकासखंड रमियाबेहड़ की ग्राम पंचायत टेकीकुंडा के मजरा तेजनपुरवा गांव में इन दिनों संक्रामक बीमारियों और भयानक वायरल फीवर ने अपने पैर पसार लिए हैं। हाल ही में हुई भारी बारिश के बाद गांव में जगह-जगह भीषण जलभराव हो गया है, जिसने स्थिति को और अधिक नारकीय बना दिया है। स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय ग्राम पंचायत प्रशासन की घोर लापरवाही के चलते पूरा गांव इस समय बीमारियों की चपेट में है। आलम यह है कि घर-घर में बच्चे, बूढ़े और यहां तक कि बेजुबान जानवर भी इस जानलेवा वायरल बुखार का शिकार हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पिछले कई वर्षों से न तो मच्छर रोधक दवाओं का छिड़काव किया गया है और न ही कभी फॉगिंग मशीन की आवाज सुनाई दी है।
*सड़कों के किनारे गंदगी का अंबार, मच्छरों का आतंक*
तेजनपुरवा गांव के निवासियों का कहना है कि गांव में मुख्य मार्गों और सड़कों के किनारे लंबे समय से गंदगी और कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। रही-सही कसर भारी बारिश ने पूरी कर दी, जिससे हर तरफ पानी जमा हो गया है। इस दूषित माहौल और ठहरे हुए पानी के कारण गांव में मच्छरों का भारी प्रकोप बढ़ गया है। दिन हो या रात, मच्छरों के झुंड के कारण लोगों का बैठना-सोना दूभर हो गया है। कई साल से एंटी-लार्वा दवाओं का छिड़काव न होने से मच्छरों की तादाद कई गुना बढ़ चुकी है, जिससे संक्रामक रोगों का खतरा चरम पर है।
*मासूमों और मवेशियों पर टूटा बीमारियों का कहर*
इस समय गांव के लगभग हर दूसरे घर में कोई न कोई बीमार पड़ा है। सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर देखने को मिल रहा है, जो तेज बुखार और बदन दर्द से तड़प रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इंसानों के साथ-साथ इस रहस्यमयी वायरल बुखार ने मवेशियों (गाय-भैंस) को भी अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे पशुपालकों की चिंताएं दोगुनी हो गई हैं। गांव के लोगों को मजबूरी में निजी डॉक्टरों और झोलाछापों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जिससे उनका आर्थिक शोषण भी हो रहा है।






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