पलिया की 206 वर्ष पुरानी रामलीला का वैदिक विधान से नगर भ्रमण कर हुआ शुभारंभ
लखीमपुर खीरी Oct 11, 2026 at 07:10 PM , 2पलिया की 206 वर्ष पुरानी रामलीला की शुरुआत श्री राम लीला कमेटी के संयोजन में बैण्ड बजा के साथ नगर भ्रमण कर हनुमान जी की अगुवाई मे ध्वजारोहण कर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कराई गई।
लखीमपुर खीरी जिले के तराई क्षेत्र पलिया कलां की ऐतिहासिक रामलीला की शुरुआत सन 1820 से मानी जाती है। पलिया की रामलीला का इतिहास 200 वर्ष से भी अधिक पुराना है,इस रामलीला की शुरुआत यहाँ के तत्कालीन जमींदार राजा जंगी सिंह ने करवाई थी,शुरुआती दौर सन 1820 में जब इसकी शुरुआत हुई थी, तब यह पूरा इलाका घने जंगलों से घिरा हुआ था। उस दौर में मुख्य श्रीराम मंदिर से भगवान का सिंहासन उठाकर रामलीला मैदान तक ले जाया जाता था और दिनभर खुले में मंचन होता था, जिसके बाद शाम को सिंहासन वापस मंदिर लाया जाता था।
सांस्कृतिक महत्व: राजा जंगी सिंह द्वारा शुरू की गई इस परंपरा को जमींदारी उन्मूलन के बाद भी स्थानीय लोग और रामलीला कमेटियों ने पूरी श्रद्धा के साथ जीवित रखा है इस समय श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष चौधरी तेजपाल सिंह मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय,और कोषाध्यक्ष रमेश गुप्ता पुरानी परंपरा का बखूबी निर्वहन करते चले आ रहे हैं।
नगर के वरिष्ठ विद्वान आचार्य पंडित वेद प्रकाश मिश्रा "व्यास जी"के निर्देशन में वैदिक मंत्रोच्चार से विधि विधान से आचार्य दीपक शास्त्री व उनकी पुरोहित टीम ने पूजन संपन्न कराया गया।
अयोध्या की मशहूर रामलीला मंडली स्वामी करुणासिंधु आदर्श रामलीला मंडली अयोध्या जी द्वारा रामलीला का मंचन कराया जा रहा है रविवार नव रात्रि के प्रथम दिवस, श्री राम मंदिर से हनुमान जी के निर्देशन में हनुमान जी द्वारा ध्वज पूजन करा रामलीला का शुभारंभ किया गया। इस दौरान प्रमुख रूप से राजेश कुमार भारतीय, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, परमेश्वर दयाल गुप्ता, चन्द्र शेखर,विशाल अवस्थी,हाथों में ध्वज लिए ज्योतिर्विद संस्कृत विद्यालय के दर्जनो छात्र, बलदेव वैदिक इंटर कॉलेज के एन एस एस के छात्र,सुन्दर कांड मंडल के उमाशंकर मिश्र, राकेश मिश्र, नगर के व्यापारी विनय गर्ग,पत्रकार विश्वकांत त्रिपाठी, मनीष कुमार सिंह,रवी गुप्ता,ओमप्रकाश सुमन,ठाकुर महेंद्रसिंह, कृष्ण कुमार गोपी, सुमित कुमार, सहित सैकड़ो राम भक्त, दर्शक तथा मेल आरती मौजूद रहे। रात्रकालीन मंचन में नारद मोह व दशानन रावण जन्म का मंचनकराया जायेगा।






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