4 करोड़ की सड़क 6 महीने में उखड़ी, बनवीरपुर-खखरौला मार्ग पर भ्रष्टाचार की परतें उजागर

लखीमपुर खीरी , 3

भारत-नेपाल बॉर्डर जोड़ने वाला मार्ग गड्ढों में तब्दील, गन्ना किसानों से लेकर एसएसबी तक परेशान, पीडब्ल्यूडी की कार्यशैली पर सवाल

 

लखीमपुर-खीरी। लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। भारत-नेपाल सीमा को जोड़ने वाले अति महत्वपूर्ण बनवीरपुर-खखरौला मार्ग पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क छह महीने भी नहीं टिक पाई। करीब 4.02 करोड़ रुपये की लागत से बनी 5 किमी लंबी सड़क की ऊपरी परत जगह-जगह से उखड़ गई है, गिट्टियां बाहर निकल आई हैं और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। बारिश में इन गड्ढों में पानी भरने से राहगीरों का चलना दूभर हो गया है।
उपलब्ध टेंडर रिकॉर्ड के अनुसार बनवीरपुर-इंद्रनगर-दाराबोझी-खखरौला घाट नेपाल सीमा मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 4.02 करोड़ रुपये का टेंडर हुआ था। टेंडर 16 जून 2025 को अवार्ड किया गया और कार्य पूरा करने के लिए 365 दिन की अवधि निर्धारित थी। अप्रैल 2025 में ही शासन से इस मार्ग को मंजूरी मिली थी।
यह मार्ग केवल गांवों को नहीं जोड़ता, यह भारत-नेपाल आवागमन, व्यापारियों, गन्ना किसानों और सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों की लाइफ लाइन है। गन्ना किसान इसी मार्ग से उपज बेलरायां चीनी मिल तक ले जाते हैं।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और पीडब्ल्यूडी के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि सड़क की मोटाई, बेस, सामग्री की लैब जांच कराई जाए। यदि कमी मिलती है तो दोषी ठेकेदार व जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कर सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाए।

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