*पुलिस मुख्यालय में गांधी जयंती पर गूंजे सत्य, संयम और सेवा के संदेश*
अन्य खबरे Oct 02, 2026 at 12:23 PM , 30 **डीजीपी राजीव कृष्ण ने महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि, पुलिसकर्मियों के कर्तव्यों से गांधीवादी मूल्यों को जोड़ा**
**लखनऊ।** राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को पुलिस मुख्यालय, गोमतीनगर विस्तार, लखनऊ में श्रद्धापूर्वक समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश **राजीव कृष्ण** ने महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने गांधी जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों एवं सिद्धांतों को स्मरण किया।
समारोह के दौरान 10वीं वाहिनी पीएसी बाराबंकी में तैनात रेडियो निरीक्षक **विजय शंकर अग्निहोत्री** एवं उनकी टीम ने रामधुन प्रस्तुत की। इसके साथ ही **‘वैष्णव जन तो तेने कहिये’** तथा महात्मा गांधी के प्रिय भजन **‘रघुपति राघव राजा राम’** का गायन किया गया। भजनों की प्रस्तुति से पुलिस मुख्यालय परिसर में श्रद्धा और आध्यात्मिकता का वातावरण बन गया।
### **पुलिसकर्मियों के कर्तव्यों से जुड़े हैं गांधीवादी मूल्य : डॉ. योगेन्द्र प्रताप सिंह**
कार्यक्रम में लखनऊ विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के प्रोफेसर **डॉ. योगेन्द्र प्रताप सिंह** ने महात्मा गांधी के जीवन, आदर्शों और सिद्धांतों पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि **संयम, सत्य, न्याय और निःस्वार्थ सेवा जैसे गांधीवादी मूल्य पुलिसकर्मियों के दैनिक कर्तव्यों से गहराई से जुड़े हुए हैं।**
उन्होंने वर्ष 1897 की डरबन घटना और वर्ष 1922 के चौरी-चौरा कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि महात्मा गांधी का संघर्ष अन्याय के विरुद्ध था। गांधी जी ने सत्य और अहिंसा को अपने संघर्ष का आधार बनाया और समाज को यह संदेश दिया कि अन्याय के सामने दृढ़ता से खड़े रहते हुए भी संयम और मानवीय मूल्यों को बनाए रखा जा सकता है।
डॉ. सिंह ने कहा कि जब कोई पुलिसकर्मी **सत्य, न्याय, संयम और सेवा की भावना** के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करता है, तो वह केवल कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी नहीं निभाता, बल्कि गांधी जी के आदर्शों को अपने व्यवहार में भी उतारता है। उन्होंने अहिंसा को कायरता नहीं, बल्कि **शक्तिशाली व्यक्ति के आत्मसंयम और आंतरिक शक्ति** का प्रतीक बताया।
उन्होंने सोहनलाल द्विवेदी की प्रसिद्ध कविता की पंक्तियों के माध्यम से महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यकुशलता, निष्ठा, त्वरित कार्रवाई तथा महाकुंभ जैसे विशाल आयोजन के सफल प्रबंधन की सराहना की। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस के नेतृत्व और पुलिस बल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कर्मठता को भी नमन किया।
### **डीजीपी ने प्रोफेसर डॉ. योगेन्द्र प्रताप सिंह को किया सम्मानित**
समारोह के अंत में पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश **राजीव कृष्ण** ने लखनऊ विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के प्रोफेसर **डॉ. योगेन्द्र प्रताप सिंह** को शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इसके साथ ही पुलिस मुख्यालय में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को भी उपहार भेंट किए गए।
गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सत्य, संयम, न्याय, सेवा और कर्तव्यनिष्ठा जैसे मूल्यों को अपने कार्यव्यवहार में आत्मसात करने का संदेश दिया।






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